प्रयागराज : देशी-विदेशी पक्षियों को दूरबीन से देखकर स्कूली बच्चे चहक उठे। डीएफओ ने उनको पक्षियों के बारे में जानकारी देकर पशु-पक्षियों व पर्यावरण संरक्षण का पाठ भी पढ़ाया।

  क्षेत्र के सहाब के तालाब के किनारे वन विभाग ने बर्ड फेस्टिवल मनाया गया। इसमें छोटे से लेकर बड़े तक शामिल हुए। सबने दूरबीन से तरह-तरह के पक्षी देखे। वेट लैंड दिवस पर हुए कार्यक्रम में डीएफओ बीआर अहीरवार ने कहा कि लोगों को जागरूक किया जा रहा है। हालांकि पौधे लगाने व बचाने को अब भी लोग सजग कम हैं, जबकि हमारी भारतीय संस्कृति भी जीवों पर दया करना सिखाती है। उन्होंने न्यू प्रयाग पब्लिक स्कूल बिहार के छात्र-छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि घर जाने के बाद अपने अभिभावकों व पड़ोसियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करें। उन्होंने वन कर्मियों को भी जिम्मेदारी से कार्य करने की हिदायत दी। कहा कि यदि कोई व्यक्ति पक्षियों का शिकार करता है तो उसके विरुद्ध वन्य जीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा कराएं।

  मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य प्रफुल्ल सिंह ने भी पर्यावरण बचाने पर बल दिया। ऋषि ङ्क्षसह, अभिषेक ङ्क्षसह, मनीष यादव, मीजान, आस्था सिंह, सुहानी साहू, शिवानी, आंचल विश्वकर्मा समेत छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण गीत गाया। बच्चों ने तालाब में लगभग दो दर्जन पक्षियों को दाना चुगाया। रेंजर शिव शंकर ङ्क्षसह ने तालाब का सुंदरीकरण कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कही। इस मौके पर महारानी दीन यादव, प्रताप सिंह, राजकुमार, शारदा प्रसाद, छोटे खां, प्रधानाचार्य भास्कर, ओम प्रकाश, अजय शास्त्री, करम अली, जफर अली व प्रमोद शुक्ला मौजूद रहे।

देखे गए 378 परिंदे

वेट लैंड दिवस पर वन विभाग ने बेल्हा देवी के सई तट व दाउतपुर झील पट्टी पर भी ऐसा ही आयोजन किया। लोगों ने दूरबीन से पङ्क्षरदों को निहारा। उनकी गतिविधियों को समझा। डीएफओ बीआर अहीरवार ने बताया कि तीनों कार्यक्रमों में 378 पक्षी देखे गए। इनमें जलमुर्गी, बगुला, ग्रे हेरोन आदि रहे। साइबेरियन पक्षी नहीं दिखे। कुछ तो मौसम साफ हो जाने के कारण भी नहीं दिखे।

Posted By: Brijesh Srivastava