प्रयागराज, जेएनएन : आसमान में छाए बादल व बूंदाबांदी को मानसून की दस्तक न समझें। यह वायु चक्रवात का प्रभाव भर है। हां इतना जरूर है कि मौसम ने लोगों को कुछ हद तक गर्मी से राहत प्रदान की। मौसम के जानकार बताते हैं कि मानसून इस बार देर से आएगा क्योंकि अभी यह कर्नाटक भी नहीं पहुंच सका है। जून तक गर्मी से मामूली राहत ही रहेगी।

सूरज के गरम मिजाज ने मई के बाद जून माह में भी लोगों को पसीना-पसीना कर रखा है। इस सप्ताह सोमवार से तापमान में गिरावट शुरू हुई तो गर्मी से कुछ राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से तीन डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। तापमान में आई इस गिरावट ने काफी राहत दी। हालांकि देर शाम उमस फिर से असर दिखाने लगी। 

मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर सविंद्र सिंह कहते हैं कि गरम होते वातावरण में कुछ तब्दीली जरूर आई है। आसमान बादलों से घिरा है और कुछ बूंदाबादी हुई। लेकिन, यह मानसून की दस्तक नहीं है। यह सिर्फ वायु चक्रवात के प्रभाव से हुआ है। पिछले माह चक्रवाती तूफान फणि गुजरात के तट से मुड़ गया था। इससे उत्तर-पश्चिमी हवा का भार कम हुआ। इस कारण दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, पश्चिमी मध्य प्रदेश और राजस्थान में मौसम एक समान है। बताया कि मानसून अभी कर्नाटक भी नहीं पहुंचा है। यह पहले कर्नाटक पहुंचेगा। इसके बाद मुंबई को तर करेगा फिर उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इससे जुलाई में ही मानसून के आने की उम्मीद है। 

तापमान में रहेगा उतार चढ़ाव:

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले सप्ताह तक तापमान में एक से दो डिग्री का उतार चढ़ाव रहेगा। 25 जून तक अधिकतम तापमान औसत 38 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। 

बारिश से लोगों को मिली  राहत:

बुधवार को हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम सुहावना होने से लोग फाफामऊ के कर्जन पुल और शांतिपुरम कालोनी के पार्कों में परिवार के साथ पहुंचे और लुत्फ उठाया।   

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Posted By: Brijesh Srivastava

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