प्रयागराज, जेएनएन। महाभारत काल में प्रसिद्ध लाक्षागृह शहर से करीब 45 किमी दूर हंडिया तहसील में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान यहां कौरवों ने पांडवों को जलाकर मारने का प्रयास किया था। इसलिए धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से इसका अधिक महत्व है। अभी तक इसके रखरखाव की ओर शासन और प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा था। हालांकि अब आप लाक्षागृह जाएंगे तो सब कुछ बदला-बदला सा नजर आएगा। गंगा यात्रा के बहाने लाक्षागृह का भी कायाकल्प होने लगा है। इसके लिए जिले का सरकारी अमला जुट गया है। पर्यटन विभाग भव्य तोरण द्वार बनवा रहा है। वहीं लाक्षागृह किला कोट के सुंदरीकरण का कार्य भी शुरू हो गया है।

बलिया से शुरू होकर गंगा यात्रा लाक्षागृह पहुंचेगी, यहीं मुख्य कार्यक्रम होगा

प्रदेश सरकार की ओर से 27 जनवरी को गंगा यात्रा बलिया से शुरू होगी। प्रयागराज में यह यात्रा 29 जनवरी को दोपहर बाद पहुंचेगी। यहां पर लाक्षागृह में मुख्य कार्यक्रम होगा। जनसभा भी होगी। यात्रा का नेतृत्व प्रदेश के जल शक्ति मंत्रालय के मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह करेंगे। जिले में यात्रा जल नहीं बल्कि थल मार्ग से आएगी और इसी मार्ग से कौशांबी के कड़ा के लिए रवाना होगी। यात्रा को लेकर लाक्षागृह में युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कराई गईं हैैं। इसमें जिला प्रशासन के साथ ही पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, मनरेगा को लगाया गया है।

अधिकारियाें ने लाक्षागृह में सुंदरीकरण कार्यों का भी जायजा लिया

तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करने एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह पहुंचे। उन्होंने हंडिया एसडीएम सुभाष चंद्र यादव और तहसीलदार आरपी यादव के साथ लाक्षागृह किला कोट पर चल रहे सुंदरीकरण के कार्यों को देखा। साथ ही लोक निर्माण विभाग के कार्यों का भी जायजा लिया। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार कठेरिया ने बताया कि हंडिया से लाक्षागृह तक की सड़क की मरम्मत कराई जा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का भी काम चल रहा है। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सतीश कुमार मौर्य ने बताया कि उनका विभाग सड़कों के किनारे स्थित पोलों को शिफ्ट कराने के साथ ही ढीले तारों को दुरुस्त करा रहा है। इसके अलावा लाक्षागृह घाट तक एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) लगाया जा रहा है।

डीपीआरओ ने कहा, कार्य कराए जा रहे हैं

डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग की ओर से साफ-सफाई से लेकर अन्य कार्य कराए जा रहे हैैं। एसडीएम ने बताया कि मुख्य सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटा दिया गया है। साफ-सफाई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसके लिए जेसीबी और ट्रैक्टरों को लगाया गया है। जल निगम की ओर से भी पेयजल की व्यवस्था कराई जा रही है।

गंगा यात्रा लाक्षागृह से संगम फिर फाफामऊ से कौशांबी रवाना होगी

एडीएम वित्त ने बताया कि लाक्षागृह के बाद गंगा यात्रा संगम पहुंचेगी, जहां त्रिवेणी की आरती होगी। यात्रा में शामिल लोग सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे और फिर अगले दिन फाफामऊ होते हुए कौशांबी के लिए रवाना होंगे।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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