इलाहाबाद (जेएनएन)। उप्र लोकसेवा आयोग यानि यूपी पीएससी फिर एक रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। पीसीएस-आरएफओ संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 2018 के लिए गुरुवार को अंतिम तारीख तक सर्वाधिक पंजीकरण हुए हैं। खास बात यह है कि पदों की संख्या भी इस बार अधिक है। पिछली पीसीएस परीक्षाओं में अधिकतम साढ़े चार लाख अभ्यर्थियों के ही आवेदन हुए थे, जबकि 19 अगस्त को प्रस्तावित प्रारंभिक परीक्षा के लिए करीब छह लाख लोगों के ऑनलाइन परीक्षा शुल्क बैंक में जमा हो चुके हैं।

यूपी पीएससी पीसीएस 2018 की परीक्षा इस बार यूपीएससी के पैटर्न पर करा रहा है। इसमें विषयों के चयन, साक्षात्कार 200 की बजाए 100 अंक का करने समेत अन्य कई बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत पीसीएस के साथ वन विभाग में सहायक वन संरक्षक यानी एसीएफ और क्षेत्रीय वन अधिकारी यानी आरएफओ, भर्ती के लिए भी प्रारंभिक परीक्षा संयुक्त रूप से कराई जा रही है। इन दोनों ही परीक्षाओं में कुल 917 पद हैं। वहीं, दोनों की मुख्य परीक्षाएं अलग-अलग होंगी।

पीसीएस की परीक्षा में एसडीएम के 119 पदों पर चयन होना है यह भी यूपी पीएससी से हो चुकी परीक्षाओं के लिहाज से अब तक की सर्वाधिक संख्या है। रिक्त पद व बदलावों के कारण परीक्षा में शामिल होने को अभ्यर्थियों का रेला उमड़ पड़ा है। यूपी पीएससी के परीक्षा विभाग की मानें तो आवेदन की संख्या करीब छह लाख होने के आसार हैं।

दो अगस्त की रात 12 बजे तक बैंक में ऑनलाइन परीक्षा शुल्क जमा करना निश्चित किया गया था। जिनके शुल्क बैंक में जमा हो गए हैं उनके आवेदन छह अगस्त तक यूपी पीएससी में ऑनलाइन जमा होने हैं। ज्ञात हो कि 29 जुलाई को हुई एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में भी सात लाख 63 हजार 317 आवेदन हुए थे, यूपी पीएससी किसी परीक्षा में यह आवेदन करने का सर्वाधिक आंकड़ा रहा है।

पीसीएस 2018 प्रारंभिक के परीक्षा केंद्र निर्धारण चुनौती

पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा 2018 में परीक्षा केंद्र को लेकर अभ्यर्थी सशंकित हैं। उप्र लोकसेवा आयोग यानि यूपी पीएससी ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में चार से पांच सौ किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र बनाकर आगामी परीक्षा में भी असमंजस पैदा कर दिया है। परीक्षा यूपीएससी के पैटर्न पर होनी है, इसके लिए कई बदलाव भी हो चुके हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्र भी अभ्यर्थियों के गृह जिले से दूर निर्धारित किए जाने की फिर आशंका जताई जा रही है।

यूपी पीएससी की ओर से पीसीएस/ वन विभाग 2018 की प्रारंभिक परीक्षा 19 अगस्त को होनी है। इसके लिए प्रदेश के कई जिलों में केंद्रों का चयन किया जा रहा है। यूपी पीएससी ने जिलों के प्रशासन से प्राप्त सूची के आधार पर परीक्षा केंद्रों में मानक को तय करने के लिए अपने प्रतिनिधियों को भी भेजना शुरू कर दिया है। तैयारी है कि आठ अगस्त तक परीक्षा केंद्र तय कर लिए जाएंगे।

वहीं परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले लाखों अभ्यर्थियों में तमाम ऐसे भी हैं जिन्होंने 29 जुलाई को एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा दी है। इस भर्ती में परीक्षा केंद्र यूपी पीएससी ने चार से पांच सौ किलोमीटर दूर भी दिए थे, जबकि यूपी पीएससी ने पहले दावा किया था कि परीक्षा केंद्र गृह जिले या इसके आसपास दिए जाएंगे। इसके अलावा कई जिलों में रैंडम अनुक्रमांक के विपरीत सीटों का आवंटन क्रम से कर दिया था। इस मनमानी के चलते अभ्यर्थियों का विरोध भी हुआ था।

अब 19 अगस्त को होने वाली परीक्षा में भी केंद्र को लेकर असमंजस की स्थिति है। कई अभ्यर्थियों ने यूपी पीएससी से मांग भी की है कि परीक्षा केंद्र आसपास ही दिए जाएं। यूपी पीएससी के सचिव जगदीश ने बताया है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक हो जाने और परीक्षा के लिए जिलों की संख्या भी बढऩे के चलते केंद्र दूरदराज करने की मजबूरी थी लेकिन, पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा में ऐसी कोई स्थिति नहीं आने वाली। हालांकि यूपी पीएससी का यह भी कहा है कि अभ्यर्थियों की वास्तविक स्थिति छह अगस्त के बाद ही पता चलेगी।  

Posted By: Ashish Mishra