प्रयागराज, जेएनएन। गाजियाबाद के वायरल वीडियो को लेकर राजनीति गर्म हो गई है। पक्ष और विपक्ष में बयानबाजी का सिलसिला जारी है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा किए गए ट्वीट पर कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्त नंदी ने पलटवार किया है। ट्वीट कर जवाब दिया है कि जिस बुजुर्ग के साथ अभद्रता की गई और जिन्होने अभद्रता की दोनों एक ही समुदाय के हैं। पुलिस की विवेचना में स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। राहुल और प्रियंका गांधी ने हमेशा केवल उत्तर प्रदेश की शांति और अमन चैन को अस्थित करने का प्रयास किया है। प्रदेश की जनता इन्हें 2022 में सब सिखाएगी। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा था कि मैं ये मानने को तैयार नहीं हूं कि श्रीराम के सच्चे भक्त ऐसा कर सकते हैं। ऐसी क्रूरता मानवता से कोसो दूर है, और समाज व धर्म दोनों के लिए शर्मनाक है।

सौहार्द के लिए जरूरी कि विपक्ष गैर जिम्मेदार नहीं हो : गणेश केसरवानी

भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी ने इस प्रकरण में कहा कि आज का समूचा विपक्ष सिर्फ कुर्सी के लिए परेशान है। वह केंद्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। इसमें वह अपने राष्ट्र हित की भावना को भी पीछे छोडऩे से नहीं बाज आ रहा है। जब तक विपक्ष गैर जिम्मेदार बना रहेगा तब तक समाज में अमन शांति लाना कठिन है। देश को भी वैश्विक परिदृष्य पर आगे बढ़ाना कठिन होगा। आज सभी विपक्षी दल कांग्रेस, सपा और बसपा के अतिरिक्त अन्य पार्टियां कुर्सी के लिए राष्ट्र द्रोह तक पर उतारू हो चुकी हैं। यह बहुत ही दुखद है। लोकतंत्र का काला पक्ष है यह। इस बात को लोग कब समझेंगे पता नहीं।

Edited By: Ankur Tripathi