इलाहाबाद (जेएनएन)। हाईकोर्ट में सरकार ने बताया कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाने वाले अध्यापकों को ही प्राथमिक शिक्षा के छह माह का प्रशिक्षण लेना जरूरी है। बीएड डिग्री वाले कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए ब्रिज कोर्स करने जरूरी नहीं है। जूनियर हाई स्कूल के अध्यापकों के प्रशिक्षण के सम्बन्ध में कोर्ट ने राज्य सरकार को आठ हफ्ते में निर्णय लेने का निर्देश दिया है और कहा कि यदि उप्र बेसिक शिक्षक संघ सरकार के फैसले से संतुष्ट न हो तो वह चुनौती दे सकता है।

यह आदेश चीफ जस्टिस डीबी भोंसले तथा जस्टिस एमके गुप्ता की खण्डपीठ ने उप्र बेसिक शिक्षक संघ की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। राज्य सरकार ने आदेश जारी किया कि गैर प्रशिक्षित अध्यापकों को 31 मार्च 2018 के बाद सेवा समाप्त कर दी जाएगी।जिसे चुनौती दी गयी थी। अब केंद्र सरकार व एनआईओएस ने जबाबी हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट कर दी है कि प्राइमरी अध्यापकों को ही दूरस्थ शिक्षा विशेष ब्रिज कोर्स से प्राथमिक शिक्षा का छह माह का प्रशिक्षण लेना जरूरी है, जो अप्रैल 2018 में शुरू होगा, किन्तु जूनियर हाई स्कूल के अध्यापकों के लिए प्राथमिक शिक्षा प्रशिक्षण लेना जरूरी नहीं है। भारत सरकार के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी ने पक्ष रखा।

Posted By: Nawal Mishra

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