प्रयागराज, राजकुमार श्रीवास्तव। लॉकडाउन के कारण फलों और सब्जी की आपूर्ति समान रूप से न होने पर फुटकर कीमत में अंकुश नहीं लग पा रहा है। थोक मंडी में जितनी फल और सब्जी आ रही है, वह शहर तक नहीं पहुंच पाती। इससे ठेले-ठेलिया पर गली-मुहल्लों में अभी भी दाम आसमान छू रहे हैं। कहने को तो रेट नियंत्रित करने के लिए मजिस्टे्रट तैनात किए गए हैं। इसके बावजूद लोग मुंहमांगी कीमत पर फल और सब्जी खरीदने को मजबूर हैं।

थोक मंडी में नहीं आ रहीं कई सब्‍जी

पालक, सोया, मेथी, शिमला मिर्च, गाजर, कटहल आदि थोक मंडी में नहीं पहुंच सके। इससे फुटकर मंडियों में भी इन चीजों की कमी है।

सब्जी के दाम

थोक -  फुटकर

17- 19  -30 आलू 

18-22  -40 प्याज

28-30  -60 टमाटर

25-32  -80 भिंडी

04-10  -20-30 कद्दू

10-20  -30-40 लौकी

50-80  -90 परवल

10-40  -50 बैंगन

फलों के दाम

थोक और फुटकर

60-80  -120-220 सेब

80-100  -120 अनार

25-30  -60 केला

80  -100 अंगूर

30  -60 संतरा

नोट : लौकी और केला छोड़कर अन्य की कीमत रुपये प्रति किलो में।

बाजार में सेब की कई किस्में

सेब की कई किस्में हैं। कश्मीरी सेब 120, हिमाचली 140, किन्नौरी 180 और वाशिंगटन का सेब 220 रुपये किलो है।

सब्जी एवं फल व्यापार मंडल मुंडेरा मंडी के अध्यक्ष ने कहा

सब्जी एवं फल व्यापार मंडल मुंडेरा मंडी के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा कहते हैं कि मुंडेरा मंडी में शुक्रवार को आलू और प्याज दो रुपये किलो महंगी बिकी लेकिन ज्यादा बिक्री न होने से सब्जी डंप हो गई हैं। लगभग चार हजार बोरा आलू, पांच-छह ट्रक प्याज और दो ट्रक कद्दू डंप है।

थोक व्यापारी ने कहा

थोक कारोबारी बबलू कहते हैं कि मुंडेरा मंडी में पहले 20 ट्रक फल आते थे लेकिन अब दो ट्रक ही रह गए। वह भी नहीं बिक रहा है। ग्राहकों के न आने से थोक रेट कम हो गए हैं।

Posted By: Brijesh Srivastava

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