प्रयागराज : विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेले में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए पुलिस हर जतन कर रही है। ड्यूटी पर आई कुंभ पुलिस को शनिवार दोपहर 1954 और 2013 के कुंभ मेले की डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। इसके जरिए पुलिसकर्मियों ने बेहतर काम करने के कई गुर सीखे।
 कुंभ पुलिस लाइन में एडिशनल एसपी नीरज पांडेय व ओपी सिंह ने पुलिस कर्मियों को ट्रेनिंग दी। मेला प्राधिकरण की तरफ से मेले के लिए निर्धारित क्षेत्र, जोन, सेक्टर, पुलिस थाना और चौकी को बनाने की जानकारी दी गई। साथ ही श्रद्धालुओं के साथ कब और कैसा व्यवहार करना है, इसके बारे में बताया गया। मुख्य स्नान पर्व पर सर्वाधिक स्नानार्थियों वाले मार्गो, चौराहों पर होने वाली व्यवस्था और सेवा व सुरक्षा के टिप्स दिए गए।
 उप्र शासन की ओर से बनवाई गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म के जरिए मेले का विस्तार, विकास, पुलिस की व्यवस्था में होने वाले परिवर्तन व दूसरे तथ्यों से अवगत कराया गया। पुलिस कर्मियों को यह भी बताया गया कि 1954 में हाथी के कारण ही भगदड़ हुई थी, जिसके बाद से मेले में हाथी का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसे में आवारा पशुओं के नजर आने पर उन्हें भी मेले और श्रद्धालुओं की भीड़ दूर करने के भी निर्देश दिए गए।

तीन एडिशनल, 24 डीएसपी :
दूसरे जनपदों से शीघ्र ही कुंभ मेले के लिए तीन एडिशनल एसपी और 24 डिप्टी एसपी आगे। इसके बाद मेले के व्यवस्था को बेहतर और तेज करने में मदद मिल सकेगी। इन अधिकारियों के आने के बाद कुंभ के लिए कुल छह एडिशनल एसपी व 30 डिप्टी एसपी हो जाएंगे। डीआइजी कुंभ कवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में 15 नवंबर से फोर्स आएगी। अधिकारियों व पुलिस के जवानों की आमद होने के बाद उनका कार्यक्षेत्र निर्धारित कर दिया जाएगा।