जासं, इलाहाबाद : इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय द्वारा सोमवार को युवा महोत्सव-2018 का एनसीजेडसीसी में आयोजन किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के आधार पर इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय को ओवरऑल विजेता घोषित किया गया। दूसरे स्थान पर छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अरुण टंडन, विशिष्ट अतिथि शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी व कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। युवा महोत्सव में ख्वाजा मोइनिदुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विवि लखनऊ, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, राजर्षि टंडन मुक्त विवि, इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। एकल गायन में मोनाली बनर्जी प्रथम, श्रद्धा शुक्ला द्वितीय रहीं। एकल नृत्य में गरिमा तिवारी प्रथम रहीं। डिबेट में अनामिका प्रथम, अशू यादव द्वितीय व आशीष मौर्या तृतीय रहीं। काव्य पाठ में निखिल द्विवेदी व शिवांगी प्रथम रहे। कोलॉज में आकांक्षा व शुभी प्रथम रहे। एकल नृत्य में ख्वाजा मोइंनुद्दीन का विद्यार्थी विजयी रहा।

इससे पूर्व अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से धनी देश रहा है। यहां उत्सव धार्मिता प्रसिद्ध रही है। संस्कृति के विभिन्न रंग इसकी पहचान रही है। यह पहचान बनी रहे और युवाओं को निखरने का मौका मिले इसलिए युवा महोत्सव कराने का निर्णय लिया है। विशिष्ठ अतिथि शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने विदेश में विश्वविद्यालयों की शिक्षण प्रणाली व भारतीय विश्वविद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था में फर्क पर प्रकाश डाला और राज्य विश्वविद्यालय को सचेत भी किया। कहा कि राज्य विश्वविद्यालय कोरा कागज है। इसे मनचाहा रंग दिया जा सकता है।

देश तभी विकसित होगा जब युवा अपना सर्वश्रेष्ठ दें : न्यायमूर्ति अरुण टंडन

प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने कहा कि भारत तभी विकसित देशों में शुमार हो पाएगा जब देश की युवा पीढ़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दें। इसके लिए जरूरी है युवाओं की प्रतिभा को पहचान कर उन्हें सही अवसर और करियर प्रदान करना। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को कोड करते हुए कहा कि भारत विकसित तब होगा जब युवा अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता से काम करेंगे।

जीतना अहम नहीं, भाग लेना अहम होता है : प्रो. माहरूख

ख्वाजा मोइनिदुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विवि लखनऊ के कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में जीतना महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उसमें भाग लेना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे आयोजनों से युवा प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलता है। राज्य विश्वविद्यालय का यह प्रयास सराहनीय है।

Posted By: Jagran