प्रयागराज,जेएनएन। कोरांव के लखनपुर गांव में झगड़े के तीन दिन बाद बुधवार शाम आगजनी के आरोपित 20 वर्षीय योगेंद्र  सिंह की पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने कई महिलाओं समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं घटना में लापरवाही बरतने की वजह से एडीजी जोन के आदेश पर चौकी प्रभारी बड़ोखर और बीट कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।

17 मई को दोनों पक्षों में हुआ था विवाद

लखनपुर गांव में 17 मई को बच्चों के विवाद में झगड़े के बाद पाल बस्ती में एक मड़हा जला दिया गया था। उस दिन से ठाकुर और पाल बस्ती के लोगों में तनाव बना था। शोभनाथ पाल ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाया जिसमें तीन लोगों को जेल भेज दिया गया लेकिन मुख्य आरोपित योगेंद्र सिंह और प्रदीप सिंह उर्फ गब्बर फरार रहे। बुधवार शाम पाल बस्ती के लोगों ने योगेंद्र को नहर पटरी के पास बाइक पर जाते देखा तो घेरकर दबोचा और आधा किलोमीटर दूर खींचकर लाठी से पीटकर मार डाला। खबर पाकर बड़ोखर चौकी की पुलिस पहुंची तो हमलावरों ने दौड़ा लिया। पुलिस बल के आने पर आरोपितों की धरपकड़ शुरू की गई। घटना के बाद गांव में तीन थानों की पुलिस और पीएसी तैनात की गई। मारे गए योगेंद्र के घर पर चीख-पुकार मची रही। तीन भाइयों में छोटे योगेंद्र के दो पुत्रों में बड़ा गगन सिंह बंगलुरू में नौकरी करता है। छोटा आकाश गांव में रहकर पढ़ाई करता है।

योगेंद्र के घर में मचा है कोहराम

योगेंद्र की पत्नी कमला  सिंह विलाप करती रही। दोपहर बाद आइजी रेंज केपी सिंह के साथ पहुंचे एडीजी जोन प्रेम प्रकाश ने फरार आरोपित गब्बर का आपराधिक इतिहास नहीं बता पाने और घटना में लापरवाही बरतने पर चौकी प्रभारी बड़ोखर पंकज भाष्कर और सिपाही संतोष पटेल को निलंबित करने का आदेश जारी किया। पोस्टमार्टम के बाद योगेंद्र के शव का शहर के दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। हत्याकांड में 39 लोगों पर मुकदमा लिखकर 11 महिलाओं समेत 20 लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया है। बाकी आरोपितों की तलाश में छापेमारी हो रही है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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