प्रयागराज,जेएनएन। आयकर विभाग का सारा जोर अब टैक्स बढ़ाने पर है। विभाग ने ऐसे करदाताओं पर शिकंजा कसने की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार तुलनात्मक एडवांस टैक्स (अग्रिम कर) कम जमा किया है और स्व निर्धारण कर (सेल्फ असेसमेंट टैक्स) बढ़ाकर जमा किया है। कर निर्धारण के बाद 10 लाख रुपये अथवा इससे ज्यादा आय के मामलों में डिमांड नोटिस भेजी गई है। ऐसे करदाताओं को चिट्ठी अथवा नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

तीन श्रेणियों के 973 करदाताओं का डाटा तैयार

आयकर विभाग ने इलाहाबाद परिक्षेत्र में तीन श्रेणियों के 973 करदाताओं का डाटा तैयार किया है। इसमें वित्तीय वर्ष 2018-19 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2019-20 में अग्रिम कर कम जमा करने वाले कुल 429 करदाता हैं। अन्य दो श्रेणियों क्रमश: सेल्फ असेसमेंट और 10 लाख रुपये अथवा इससे ज्यादा आय में 544 करदाता हैं। बताते चलें कि इलाहाबाद परिक्षेत्र में कुल तीन प्रभाग हैैं और इनमें जिलों की संख्या 16 है।

कम अग्रिम कर जमा करने वाले हैं 135 करदाता

इलाहाबाद (प्रयागराज) प्रभाग में कम अग्रिम कर जमा करने वाले 135 करदाता हैैं जबकि वाराणसी में यह संख्या 195 और गोरखपुर में 99 हैैं। इन्हीं प्रभागों में सेल्फ असेसमेंट बढ़ाकर जमा करने वाले क्रमश: 147, 179 और 89 करदाता हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक 10 लाख रुपये अथवा इससे ज्यादा आय के मामले में जिन करदाताओं को डिमांड नोटिस भेजी गई है, वह इलाहाबाद, वाराणसी और गोरखपुर प्रभाग में क्रमश: 61, 41 और 27 है।

चिट्ठी और नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू

प्रधान आयकर आयुक्त सुबचन राम का कहना है कि जिन करदाताओं के डाटा जनरेट किए गए हैं। उन्हें चिट्ठी और नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिन करदाताओं ने सेल्फ असेसमेंट जमा किया है। उन्हें अग्रिम कर जमा कराने के लिए कहा गया है। विलंब से टैक्स जमा करने का कारण भी पूछा गया है।

Posted By: Brijesh Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस