प्रयागराज, जागरण संवाददाता। बिजली संकट और पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन ने पिछले कुछ वर्षाें से सौर ऊर्जा (सोलर इनर्जी) उत्पादन के लिए विशेष प्रयास शुरू किया है। एनसीआर जोन में विभिन्न स्थानों पर करीब 11.03 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। यानी इतनी क्षमता की सोलर इनर्जी पैदा की जा रही है। मौजूदा वित्तीय वर्ष (2021-22 अप्रैल से सितंबर तक) में एनसीआर जोन में करीब 67 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया गया। पिछले वित्तीय वर्ष में इसी अवधि के दौरान करीब 60 लाख यूनिट सोलर इनर्जी पैदा की गई थी।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 12 फीसद अधिक उत्‍पादन

इस साल लगभग सात लाख यूनिट यानी 12 फीसद ज्यादा है। इसकी वजह से राजस्व की बचत की बात की जाए तो पिछले वित्तीय वर्ष में अप्रैल से सितंबर के बीच करीब 2.43 करोड़ रुपये की बचत की गई थी। हालांकि इस वित्तीय वर्ष में इसी अवधि में लगभग 2.73 करोड़ रुपये की बचत की गई, जो 30 लाख रुपये अधिक है। सितंबर तक 57 सौ टन कार्बन उत्सर्जन की भी बचत की गई।

इस वर्ष 1.3 करोड़ यूनिट उत्पादन का लक्ष्य

एनसीआर ने इस वित्तीय वर्ष के लिए करीब 1.3 करोड़ यूनिट बिजली सौर ऊर्जा से पैदा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे करीब पांच करोड़ रुपये की बचत होने और 11 हजार टन से ज्यादा कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है।

भविष्य में 297.11 मेगावाट उत्पादन का है लक्ष्य

उत्‍तर मध्‍य रेलवे ने स्वर्ण विकर्ण और स्वर्ण चर्तुर्भुज योजनाओं के तहत भविष्य में करीब 297.11 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से उत्पादन करने का लक्ष्य तय किया है। इसमें रेलवे पटरियों के किनारे खाली भूमि और छतों पर 1.86 मेगावाट व 46.25 मेगावाट, रेलवे स्टेशनों के पास खाली भूमि पर 249 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

एनसीआर के जनसंपर्क अधिकारी बोले

एनसीआर के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय का कहना है कि रेलवे अधिक से अधिक हरित ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में सौर ऊर्जा के उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है।

Edited By: Brijesh Srivastava