प्रयागराज, जेएनएन। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) को दूसरी बार नोटिस जारी की है। मामला इविवि और संघटक महाविद्यालयों में नए सत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में छूट का है। छूट की मांग के मामले में आयोग ने कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर आरआर तिवारी से मामले में 10 दिन के भीतर जवाब तलब किया है।

इविवि के पुरा छात्र ने आयोग को भेजा था पत्र

दरअसल, इविवि के पुरा छात्र राघवेंद्र यादव ने आयोग को 23 जून को पत्र लिखा था। पत्र में बताया कि केंद्र सरकार ने यह प्रावधान बनाया है कि ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं को आवेदन शुल्क में छूट प्रदान की जाए। आरोप लगाया कि इविवि प्रशासन आवेदन प्रक्रिया में इस नियम को लागू नहीं कर रहा है। शैक्षिक सत्र 2019-20 में तत्कालीन प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. मनमोहन कृष्ण को पत्र भेजकर यह मांग की गई थी लेकिन उन्होंने नजरअंदाज कर दिया था।

इविवि प्रशासन पर गंभीरता न बरतने का आरोप

इसके बाद मौजूदा सत्र में पांच जून को प्रवेश प्रकोष्ठ के वर्तमान निदेशक प्रो. प्रशांत अग्रवाल के अलावा इविवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी और रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल को पत्र लिखकर फिर से मांग उठाई गई। आरोप है कि इसके बावजूद इविवि प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा। कोई जवाब न मिलने पर फिर से आयोग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. मधुमाला चट्टोपाध्याय ने नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर जवाब मांगा है।

बोले, इविवि के रजिस्‍ट्रार

इविवि के रजिस्‍ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ल कहते हैं कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की तरफ से हफ्ते भर पहले इविवि प्रशासन को एक पत्र मिला था। पत्र में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के आवेदन शुल्क में छूट पर जवाब मांगा गया था। इविवि प्रशासन ने उसका जवाब तैयार कर भेज दिया है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस