प्रयागराज, जेएनएन। प्रतापगढ़ जिले के संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के भुन्ना का पुरवा गांव में कमरे में सो रहे दो सगे मासूम भाइयों को ताऊ ने जलाकर मार डाला था। मुकदमा लिखकर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इस घटना से आक्रोशित महिलाएं शनिवार को दोनों मासूमों के शव घर लाए जाने पर उन्हें आरोपित ताऊ के ही मकान के बरामदे में दफनाने पर अड़ गईं। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने महिलाओं को मनाकर शवों की अंत्येष्टि कराई।

भुन्ना का पुरवा (भद्विव) गांव निवासी राम सजीवन पटेल दशक भर पूर्व मकान बनवाकर तीसरे नंबर के बेटे दिलीप के परिवार के साथ रहता था। दो वर्ष पूर्व दिलीप की तपेदिक की बीमारी से मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद राम सजीवन अपनी पत्नी के रामरती के साथ भद्विव चौराहे पर चाय-पान की दुकान खोलकर वहीं पर रहने लगा। जबकि गांव में बने घर में दिलीप की पत्नी नीलम अपने दो मासूम बेटे इशांत (8) व कृष्णा (6) के साथ रह रही थी। नीलम मजदूरी करके किसी तरह से दोनों बच्चों का पालन पोषण कर रही थी।

शुक्रवार को भोर में हुआ यह दुखद वाकया

गुरुवार की रात नीलम अपने दोनों बच्चों के साथ पीछे के कमरे में सोने चली गई। शुक्रवार को भोर करीब 5:30 बजे अचानक नीलम के पेट में दर्द हुआ तो वह दरवाजे के दोनों पल्ले चिपकाकर शौच के लिए बाहर चली गई। करीब 20 मिनट बाद वह लौटकर आई तो दोनों बेटे आग का गोला बने थे। यह देख वह शोर मचाते हुए पानी डालकर आग बुझाने लगी, लेकिन तब तक दोनों बच्चे काफी झुलस चुके थे और उनकी मौत हो गई थी।

आग कैसे लगी, यह कोई नहीं बता पाया। दोनों बेटों की मौत से मां नीलम अचेत हो गई। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर सीओ लालगंज, एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा ने जांच की। फोरेंसिक टीम ने नमूना लिया। मृतकों की मां नीलम ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसके जेठ अशोक कुमार ने बच्चों को जलाकर मार डाला। वह जब घर लौटी तो उसका जेठ घर से निकलकर जा रहा था। इस पर पुलिस ने जेठ अशोक कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। सीओ रामसूरत सोनकर के मुताबिक आरोपित को हिरासत में ले लिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है।

यहीं दफनाओ बच्चों को इसके घर में जिसने मारा

इस बीच शनिवार को दोनों शवों को अंतिम संस्कार की खातिर ले जाने की बात आई तो मां समेत परिवार की महिलाएं गुस्से से बिफर पड़ी औं र इस बात पर अड़ गईं कि शवों को ताऊ अशोक के ही घर में दफनाया जाए जिसने उन्हें बेरहमी से जलाकर मार डाला। चीख पुकार कर रही महिलाओं के आगे पुलिसकर्मियों का भी पसीना छूट गया। बड़ी मुश्किल से घंटे भर तक मनाकर महिलाओं को शांत कराकर शवों की अंत्येष्टि कराई गई।

Edited By: Ankur Tripathi