प्रयागराज : अलौकिक और अद्वितीय कुंभ विदाई की बेला में भी अभूतपूर्व आभा बिखेर रहा है। संगम का विहंगम सौंदर्य अब भी अक्षुण्य है। कुंभ के 47वें दिन 10 लाख 45 हजार श्रद्धालुओं ने पावन संगम में पुण्य की डुबकी लगाई।

कुंभ का अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि चार को

50 दिनों का कुंभ अब अंतिम पड़ाव पर है। चार मार्च को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व के साथ कुंभ समाप्त हो जाएगा। दिव्य और भव्य कुंभ कई मायनों में खास है। सबसे अहम इस कुंभ में शाही स्नान के बाद भी श्रद्धालुओं के आने का क्रम नहीं टूटा। कुंभ मेला प्रशासन का दावा है कि अब तक लगभग 23 करोड़ श्रद्धालु कुंभ में आ चुके हैं।

श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं हो रही कम

10 फरवरी को अंतिम शाही स्नान वसंत पंचमी के बाद भी भीड़ कम नहीं हुई। माना जा रहा था कि बसंत पंचमी के शाही स्नान के बाद श्रद्धालुओं की तादाद कम हो जाएगी। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। वसंत पंचमी के बाद इतनी भीड़ आई कि तीनों शाही स्नान पर आई भीड़ पीछे छूट गई। कुंभ मेला प्रशासन का दावा है कि वसंत पंचमी के बाद 19 दिनों में लगभग 11 करोड़ श्रद्धालु यहां पहुंचे, जो कुंभ का रिकॉर्ड हो गया। शुक्रवार को श्रद्धालुओं का रेला कुंभ नगर पहुंचा। प्रशासन के मुताबिक लगभग साढ़े दस लाख लोगों ने स्नान किया। इसके कारण सुबह और दोपहर के साथ ही शाम को भी मेला क्षेत्र में जाम लगा। यही हाल शनिवार को भी रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ कुंभ मेला क्षेत्र की ओर जाती रही।

महाशिवरात्रि पर एक करोड़ लोग करेंगे संगम स्नान

कुंभ मेला प्रशासन का अनुमान है कि महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के लिए तीन मार्च से ही श्रद्धालु जुटने लगेंगे। अंतिम स्नान पर लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, डीआइजी कुंभ केपी सिंह आदि अफसरों ने अंतिम स्नान पर्व की तैयारियों की समीक्षा भी की। स्नान घाटों, चकर्ड प्लेटों की सड़कों, पांटून पुलों और शौचालयों को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए।

खास बातें

-10 लाख श्रद्धालुओं ने कुंभ के 47वें दिन लगाई पुण्य की डुबकी

-23 करोड़ के लगभग स्नानार्थी त्रिवेणी में लगा चुके हैं गोता

-01 करोड़ श्रद्धालुओं के महाशिवरात्रि पर स्नान करने का है अनुमान

-04 मार्च को है कुंभ का अंतिम स्नान पर्व, तैयारियां की गई तेज

 

Posted By: Brijesh Srivastava