प्रयागराज, जेएनएन। शाहजहांपुर निवासी अधिवक्ता बीएन सिंह यादव की तरफ से उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा समेत अन्य के खिलाफ दायर निगरानी याचिका एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिकाकर्ता ने दिनेश शर्मा के उस बयान को हिंदू धर्म का अपमान बताया था, जिसमें उप मुख्यमंत्री ने माता सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताया था। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने याचिका बलहीन पाते हुए इसे खारिज कर दिया।

 अधिवक्ता ने डिप्टी सीएम के साथ अमित शाह आदि को प्रतिवादी बनाया था

अधिवक्ता बीएन सिंह यादव ने निगरानी याचिका में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को प्रतिवादी बनाया था। कहा था कि दो जून 2018 को डॉ. दिनेश शर्मा ने मीडिया के सामने कहा कि माता सीता टेस्ट ट्यूब बेबी हैं, इससे ङ्क्षहदू धर्म से जुड़े लोगों की आस्था को चोट पहुंची है। अमित शाह, महेंद्र नाथ पांडेय ने इस बयान पर दिनेश शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए वह भी अपराध में शामिल हैं।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट से केस हो चुका है खारिज

याची ने पहले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शाहजहांपुर की कोर्ट में केस किया। यहां गवाहों के बयान दर्ज किए गए। वहां 15 अक्टूबर 2018 को केस खारिज हो गया। फिर याची ने सेशन जज शाहजहांपुर की कोर्ट में एसीजेएम के आदेश को चुनौती देते हुए निगरानी याचिका दाखिल की। प्रयागराज में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट के गठन के बाद मामला यहां स्थानांतरित कर दिया गया। शनिवार को मामले की सुनवाई विशेष कोर्ट में हुई। उभयपक्ष के तर्क सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने निष्कर्ष में पाया कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश में कोई विधिक त्रुटि नहीं है। निगरानी याचिका को बलहीन पाते हुए उन्होंने खारिज कर दिया। 

 

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Posted By: Brijesh Srivastava

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