प्रयागराज : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुंभ के दौरान पावन संगम में पुण्य की डुबकी लगाने वाले दूसरे प्रधानमंत्री होंगे। आजाद भारत में इससे पहले वर्ष 1954 के कुंभ में प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू ने मौनी अमावस्या पर डुबकी लगाई थी।
 

करीब ढाई घंटे का आध्‍यात्मिक दौरा

मोदी रविवार को करीब लगभग ढाई घंटे के आध्यात्मिक दौरे पर कुंभनगरी में होंगे। वह यहां दुनिया के सबसे बड़े जन समागम के सकुशल संपन्न होने पर मां गंगा के प्रति अपनी कृतज्ञता जताएंगे। पवित्र त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाकर देश के कल्याण की कामना करेंगे। संगम तट से ही दुनिया भर को स्वच्छता के साथ ही समरसता का संदेश भी देंगे। देशवासियों को आध्यात्मिक परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने का संदेश भी उनका यह प्रवास देगा।

मोदी का प्रयागराज दौरा आज
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रदेशों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के संगम में डुबकी लगाने के बाद अब प्रधानमंत्री भी अपने मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सहयोगियों के साथ कुंभनगरी आ रहे हैं। इससे पहले उन्होंने कुंभ का औपचारिक शुभारंभ 16 दिसंबर को किया था। संगम पर पूजा की थी और अक्षयवट को दर्शन के लिए खोले जाने का ऐलान किया था।

तीन हेलीकाप्टर से ढाई बजे दिन में पहुंचेंगे डीपीएस हेलीपैड

वायुसेना के विशेष विमान से बमरौली में उतरने के बाद प्रधानमंत्री अपराह्न 2:30 बजे तीन हेलीकॉप्टर से कुंभ मेला के अरैल क्षेत्र स्थित डीपीएस हेलीपैड पहुंचेंगे। फिर कार से नए यमुना पुल, परेड होते हुए संगम नोज आएंगे। त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाने के बाद तीर्थराज का अभिषेक करेंगे। पंडित दीपू मिश्रा के नेतृत्व में पूजन संपन्न कराया जाएगा। संगम स्नान-दान के बाद प्रधानमंत्री गंगा पंडाल जाएंगे और छह स्वच्छता कर्मियों, छह पुलिस कर्मियों, दो स्वच्छाग्रहियों व दो नाविकों को सम्मानित करेंगे। स्वच्छता कर्मियों को बीमे का तोहफा भी देंगे।

जनसमूह को करेंगे संबोधित

यहीं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करने के बाद शाम लगभग 4:30 बजे हेलीपैड के लिए रवाना होंगे। हेलीकॉप्टर से 4:45 बजे वह बमरौली एयरपोर्ट रवाना होंगे। शाम 5:10 बजे उनके दिल्ली के लिए उड़ान भरने का कार्यक्रम है।

Edited By: Brijesh Srivastava

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