जागरण संवाददाता, प्रयागराज : श्री मठ बाघम्बरी गद्दी, लेटे हनुमान मंदिर सहित मठ से जुड़े समस्त आश्रम, विद्यालय व मंदिरों की व्यवस्था बदलने की तैयारी चल रही है। नए महंत बलवीर गिरि सारी कमान जल्द संभाल लेंगे। हरिद्वार से आए उनके दर्जनभर करीबी महात्मा इसके लिए सक्रिय हैं। वह हर काम में दखल दे रहे हैं, उन्हीं का आदेश सर्वोपरि माना जाता है। जेल में बंद आनंद गिरि व बंधवा स्थित लेटे हनुमान मंदिर के पूर्व पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी के करीबी चिह्नित किए जा रहे हैं। आसार हैं कि उन्हें बाहर कर नए सिरे से जिम्मेदारी दी जाएगी।

श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के महंत व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि बीती 20 सितंबर को मठ के कमरे में संदिग्ध हाल में मृत मिले थे। उनकी शोडषी पर पांच अक्टूबर को बलवीर गिरि का 24 वें महंत के रूप में पट्टाभिषेक हुआ था। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वह और उनके करीबी महात्मा व्यवस्था अपने हाथ में लेने में जुट गए हैं। मठ व मंदिर से आनंद गिरि की फोटो हटा दी गई है। बदली परिस्थिति में जो लोग पहले महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते थे वह खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हें कोई जिम्मेदारी मिलेगी या नहीं? इसे लेकर संशय है। वैसे बलवीर गिरि कह चुके हैं कि गुरु की मंशा के अनुसार समस्त कार्य किए जाएंगे, किसी की उपेक्षा नहीं होगी, पर उनके करीबियों की बढ़ते दखल से हर कोई सशंकित है।

नरेंद्र गिरि की आत्महत्या अकल्पनीय : हरि गिरि

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि के आह्वान पर नवरात्र की नवमी तिथि पर गुरुवार को जूना अखाड़ा के समस्त आश्रम, मंदिरों में ब्रह्मलीन नरेंद्र गिरि की आत्मा की शांति के लिए अनुष्ठान हुआ। हरि गिरि ने कहा कि नरेंद्र गिरि की आत्महत्या अकल्पनीय है। वह ऐसा कायराना काम वो नहीं कर सकते। फिलहाल घटना की जांच चल रही है, उम्मीद है कि सच्चाई जल्द सामने आएगी। मां भगवती से कामना की गई है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और निर्दोषों का अहित नहीं होने पाए। सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने महंत की समाधि पर मत्था टेका

जासं, प्रयागराज : नवरात्र की नवमी तिथि पर सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंचीं और महंत बलवीर गिरि द्वारा आयोजित कन्या पूजन में शामिल हुईं। फिर महंत नरेंद्र गिरि की समाधि पर जाकर पुष्प, माला अर्पित कर मत्था टेका। कहा कि धर्म व समाजहित में नरेंद्र गिरि का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। इस दौरान हरिगोविद पुरी, केशव पुरी भी मौजूद थे।

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