प्रयागराज, जेएनएन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की बीती 20 सितंबर को संदिग्ध मृत्यु की जांच कर रही सीबीआइ ने रविवार को भी मठ की पड़ताल की। सीबीआइ टीम के साथ पहुंचे सेंट्रल फोरेंसिक लैब के विशेषज्ञों ने श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के कमरों की पड़ताल की। इस दौरान सीबीआइ की टीम ने भी कमरे में सीन री-क्रिएशन किया।

प्रयागराज में महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मृत्यु के मामले की जांच कर रही सीबीआइ जेल में बंद आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को 10 दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इस संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में अर्जी दी गई है। इस पर सुनवाई होने की उम्मीद है। आनंद गिरि के अधिवक्ता विजय द्विवेदी ने यह जानकारी दी।

प्रयागराज में महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मृत्यु के मामले की जांच कर रही सीबीआइ की एक टीम रविवार को फिर श्री मठ बाघम्बरी गद्दी, अल्लापुर पहुंची। यहां टीम के सदस्यों ने मठ के विश्रामगृह के उस कमरे में आत्महत्या का सीन री-क्रिएट किया गया, जिसमें महंत का शव 20 सितंबर की शाम मिला था। सीलबंंद कमरे में सीबीआइ टीम के सदस्य करीब 12 बजे दाखिल हुए। उनके साथ प्रयागराज पुलिस और सीबीआई की फोरेंसिक टीम भी यहां पूरे समय तक मौजूद रही। टीम के साथ आई फोरेंसिक टीम ने भी कमरों में फिंगर प्रिंट तथा अन्य निशान का सैंपल एकत्र किया। इस दौरान मठ में सन्नाटा पसरा था। पुलिस ने 20 सितंबर को घटना के बाद कमरा सील किया था। अब टीम यहां पर वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण भी करेगी। इसके साथ ही सीडीआर से मिले सुराग के आधार पर जांच होगी।

रविवार शाम को ही टीम के कुछ सदस्य सेंट्रल जेल नैनी भी गए। इसी जेल में महंत नरेन्द्र गिरि के शिष्य रहे स्वामी आनंद गिरि, बड़े हनुमान मंदिर के प्रधान पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी तथा आद्या प्रसाद के पुत्र संदीप तिवारी बंद है। इन तीनों के खिलाफ एफआइआर को ही आधार बनाकर सीबीआइ की टीम प्रयागराज में महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मौत की पड़ताल कर रही है। 

Edited By: Dharmendra Pandey