प्रयागराज : श्रीराम विश्राम स्थल (रामायण सर्किट) चरवा के कायाकल्प का रास्ता साफ हो गया। राज्य योजना के तहत भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए सरकार ने विकास कार्य के लिए राशि भी दे दी है। कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) काम कराएगी। ई-टेंडरिंग के माध्यम से कार्य कराया जाएगा। अब यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को आपेक्षित सुविधाएं मिलेंगी।

वन गमन के दौरान श्रीराम, सीता व लक्ष्मण ने किया था विश्राम

वन गमन के दौरान श्रीराम ने छोटे भाई लक्ष्मण व पत्नी सीता के साथ चरवा स्थित चरक मुनि के आश्रम में विश्राम किया था। इसका उल्लेख रामायण में भी मिलता है। उनके विश्राम करने से ही यहां का नाम चरवा पड़ा। सुंदरीकरण के लिए पूर्व जिला पंचायत सदस्य रजनीश पांडेय ने पहल करते हुए जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग के अधिकारियों से मिलकर रामायण सर्किट को हाईटेक करने की मांग की।

कार्यदायी संस्था को प्रथम किश्त के 27 लाख 15 हजार रुपये मुहैया

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने राज्य परियोजना के तहत 90 लाख 50 हजार की कार्य योजना बनाकर पर्यटन विभाग के माध्यम से शासन को भेजी थी। भेजी गई कार्ययोजना के आधार पर शासन ने कार्य कराने की अनुमति दे दी है। प्रथम किश्त के रूप में कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को 27 लाख 15 हजार रुपये मुहैया करा दिए हैं। जल्द ही निर्माण संस्था सुंदरीकरण का कार्य शुरू कराएगी।

संस्था को दी गई हिदायत

प्रभुराम विश्राम स्थल (रामायण सर्किट) चरवा का कायाकल्प करने वाली कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को शासन ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ई- टेंडङ्क्षरग के माध्यम से होगा। निर्माण कार्य गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान रखना होगा। यदि निर्माण में लापरवाही बरती तो कार्रवाई होगी।

 

कहते हैं पर्यटन अधिकारी

 पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव कहते हैं कि राज्य परियोजना के तहत सुंदरीकरण कराने के लिए शासन ने मुहर लगा दी है। प्रथम किश्त के रूप में 27 लाख 15 हजार रुपये मिले हैं। जल्द ही  कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के माध्यम से पर्यटन स्थल का सुंदरीकरण कराया जाएगा।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस