प्रयागराज, जेएनएन। किसी साक्षात्कार बोर्ड की ओर से पूछे जाने वाले सवाल की सीक्रेसी (गोपनीयता) बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। खासकर उसके लिए जिसे भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनना है। आप लोग भी यहां से बाहर जाकर अन्य लोगों को बताएंगे कि क्या प्रश्न पूछे गए? पीसीएस 2016 के लिए यूपीपीएससी में हो रहे साक्षात्कार में बुधवार को बोर्ड ने एक अभ्यर्थी का इस सवाल पर नजरिया जाना। एक अभ्यर्थी के हाव-भाव और उसकी सहनशक्ति को परखने के लिए 20 मिनट तक बैठाए रखने के बाद उससे कुछ गिने चुने सवाल ही किए।

साक्षात्कार का 16वां दिन 

यूपीपीएससी में बुधवार को पीसीएस अधिकारियों की भर्ती के लिए साक्षात्कार लेने का 16वां दिन था। अब तक कुल 1280 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हो चुका है। बोर्ड ने अब तक अभ्यर्थियों का समाज सियासत देश दुनिया और विषय से संबंधित अनेक बिंदुओं पर नजरिया जाना तो अब सवालों की श्रंखला कुछ बदली है। एक अभ्यर्थी से बोर्ड ने पूछा कि ज्वालामुखी हिमालय में क्यों नहीं फटता? पॉलिटिकल साइंस विषय में साइंस शब्द क्यों जुड़ा है। बोर्ड ने एक अभ्यर्थी को करीब 20 मिनट तक बैठाए रखा। उससे अधिक सवालों की झड़ी न लगाकर विशेषज्ञों ने उसके हाव-भाव और सहनशक्ति को जानने का प्रयास किया।

कोषागार के क्या-क्या कार्य होते 

एक अभ्यर्थी से पूछा कि प्रत्येक दिन मीडिया में साक्षात्कार की खबरें छप रही हैं। क्या आप भी बाहर जाकर बताएंगे कि कौन-कौन से सवाल हुए। बोर्ड की ओर से इस सवाल को पूछे जाने का मंतव्य प्रशासनिक कार्यों में गोपनीयता बनाए रखने को लेकर था। एक अभ्यर्थी से सवाल हुआ कि पीएम मोदी को हाल में ही कौन सा अवार्ड मिला है। रक्षा अध्ययन को वैकल्पिक विषय के रूप में रखने वाले अभ्यर्थी से पाकिस्तान समेत भारत के अन्य पड़ोसी देशों की सेना के सेनापति के नाम पूछे गए। एक जिले में बतौर कोषाधिकारी कार्यरत महिला अभ्यर्थी से पूछा कि कोषागार के क्या-क्या कार्य होते हैं।

 

Posted By: Nawal Mishra