प्रयागराज, जागरण संवाददाता। इलाहाबाद संग्रहालय में आज मंगलवार को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका विषयक दो दिवसीय संवाद की शुरुआत हुई। इस संवाद में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की वीरांगनाओं को आज याद किया जा रहा है, उनके योगदान को रेखांकित किया जा रहा है। निश्चित रूप से महारानी लक्ष्मीबाई, दुर्गा भाभी जैसी महिलाओं ने इस देश के क्रांतिकारी स्वतंत्रता आंदोलन में इतिहास रचा।

राज्‍यपाल ने स्‍वतंत्रता आंदोलन की महिलाओं को दी श्रद्धांजलि

राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत जब अंग्रेजों के अधीन था तब क्रांतिकारियों को जो सजाएं होती थी, उसमें उनके घर की महिलाएं अपने पति और बेटे को जेल जाते समय बधाई देती थीं। साथ ही उन्हें प्रेरित भी करती थीं। उन्‍होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में जो महिलाएं ज्ञात हैं, उनका और जिनका नाम कभी इतिहास में नहीं लिखा गया, उन अज्ञात महिलाओं का भी काफी योगदान रहा है। सभी को उन्होंने श्रद्धांजलि दी।

बोलीं, जरूरत पड़ने पर महिलाएं उठा लेती थीं तलवार

राज्‍यपाल ने कहा कि भारतीय महिलाएं जुलूस और हड़ताल में भी पीछे नहीं रहती थीं। महिलाएं क्रांतिकारियों को तलवार बांटती थीं और जरूरत पड़ने पर तलवार उठा भी लेती थीं। उन सभी महिलाओं के योगदान को राष्ट्र आज भी नमन करता है।

कमिश्‍नर ने वीर महिलाओं के योगदान बताए

इस अवसर पर इलाहाबाद मंडल के कमिश्नर संजय गोयल ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में वीर महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया। इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक डाक्टर अखिलेश कुमार सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई।

संग्रहालय में भारतीय कला में शिव प्रदर्शनी

इलाहाबाद राष्ट्रीय संग्रहालय में 'भारतीय कला में शिव' पर महत्वपूर्ण प्रदर्शनी लगाइ गई है। इसमें शिव और शिवत्व पर कलाकारों के मन में उमड़ते-घुमड़ते आकार और विचार दर्शाए गए हैं। उप्र की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इसका अवलोकन किया। इसी विषय पर संवाद भी हुआ। यह सभी आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव के तहत किए गए हैं। इलाहाबाद संग्रहालय के सेंट्रल हाल को फूलों से सजाया गया। राज्यपाल इलाहाबाद राष्ट्रीय संग्रहालय की चेयरपर्सन भी हैं इसलिए उनके आगमन पर स्वागत के लिए परिसर को करीब एक सप्ताह से सजाने संवारने का क्रम चल रहा था।

Edited By: Brijesh Srivastava