प्रयागराज, [अंकुर त्रिपाठी]। सच तो यह है कि शहर में अवैध असलहे ऐसे आसानी से मिल रहे हैैं जैसे दुकानों में खिलौने। गोली मारकर लूट, हत्या और कत्ल की कोशिश की घटनाएं जबरदस्त ढंग से बढ़ रही हैैं तो उसकी वजह अवैध हथियारों की उपलब्धता भी है। प्रयागराज में कुछ समय पहले तक बम हमले की घटनाएं बहुत होती थीं। वजह यह कि बम बनाना आसान था और तमंचा या पिस्टल हासिल करना कुछ कठिन। अब ऐसा नहीं रहा।

कुछ वाकयों पर नजर डालें तो स्पष्ट हो जाएगा

बाइक सवार बीकॉम के छात्र के बैग में मिला था तमंचा

पिछले हफ्ते का वाकया है। कीडगंज थाने की पुलिस ने एडीसी के पास वाहन चेकिंग के दौरान एक बाइक रोकी तो उसके बैग में तमंचा मिला। बाइक सवार बीकॉम का छात्र था। पूछताछ में बताया कि वह यूं ही शौकिया तमंचा लेकर चलता है। अक्सर कमर में खोंसकर दोस्तों पर रौब गांठता है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार कर एक पिस्टल भी बरामद की।

युवकों को गिरफ्तार कर पुलिस ने एक दर्जन पिस्टल बरामद किए थे

चार दिन पहले पानी टंकी चौराहे पर एजी कार्यालय से लौट रहे आलोक कुशवाहा को गोली मार दी गई। पुलिस ने उसके ममेरे भाई अर्जुन को दबोचा। उसने तमंचा बरामद कराया और गुनाह भी कुबूल लिया। 24 साल के डीजे संचालक अर्जुन ने बदला लेने के लिए तमंचे का इंतजाम कर लिया था। पिछले महीने क्राइम ब्रांच ने धूमनगंज से चार बिगड़ैल युवकों को गिरफ्तार कर एक दर्जन पिस्टल बरामद किए थे। ये लड़के हाईस्कूल में थे तभी से पिस्टल लेकर घूमते और स्टंट करते थे। अभी उम्र 20 साल ही है लेकिन असलहों की तस्करी भी करने लगे। ट्रांसपोर्ट नगर में कुछ समय पहले पुलिस को 11वीं के छात्र के बैग में तमंचा मिला था। हालांकि तमंचा रखकर पुलिस ने लड़के को चेतावनी देकर छोड़ दिया था।

रोमांच के लिए तमंचे पर डिस्को करते हुए फायर कर रहे थे

कुछ दिन पहले मुट्ठीगंज में कुछ लड़के दिन में हवाई फायङ्क्षरग करने लगे। पुलिस ने एक लड़के को पकड़ा तो पता चला कि रोमांच के लिए तमंचे पर डिस्को करते हुए फायर कर रहे थे। बिगड़ैल लड़कों में कट्टïे का क्रेज ऐसा बढ़ता जा रहा है कि घर से जेब खर्च के लिए पैसे मांगकर वे तीन-तीन हजार में तमंचे कारतूस खरीद ले रहे हैैं।

लगातार गिरफ्तारी मगर थम नहीं रही तस्करी

यह भी हैरानी की बात है कि मुंगेर और खंडवा से तस्करी पर पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसटीएफ की नजर होने के बावजूद असलहों का लाना और बेचना थम नहीं रहा है। जनपद में भी अवैध हथियार बनाए जाते हैैं लेकिन ज्यादातर सप्लाई मुंगेर और खंडवा से होती है। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच लगातार गिरफ्तारी और बरामदगी करती है लेकिन तस्करी बदस्तूर जारी रहती है। नाजायज हथियार इसी तरह धड़ल्ले से बिगड़ैल लड़कों और अपराधियों तक पहुंचते रहे तो पुलिस को अपराध नियंत्रण के लिए जूझना ही पड़ेगा।

बोले, एसपी क्राइम

एसपी क्राइम आशुतोष मिश्र कहते हैं कि नाजायज असलहों की तस्करी में लिप्त लोगों की लगातार गिरफ्तारी होती है। बड़़ी संख्या में हथियार बरामद हुए हैैं। तस्करी रोकने के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस पूरा प्रयास कर रही है।

 

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