प्रयागराज, जेएनएन। शहर और ग्रामीण इलाके से गुजरते वक्त तमाम ढाबों और दुकानों में छह से लेकर 12 -15 साल तक के बालकों को काम करते देखा जा सकता है। कोई प्लेट धोते दिखता है तो कोई ग्राहकों को पानी देते या सफाई करते। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने लोगों से अपील भी की है कि होटलों, दुकानों, ढाबों, फैक्ट्रियों आदि में काम करने वाले बाल श्रमिकों (18 साल से कम) की शिकायत पोर्टल पर करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उनका एक प्रयास देश में बढ़ती बालश्रम प्रथा पर रोक लगाने और उन्हें शिक्षा से जोडऩे में मददगार साबित हो सकता है।

चिकित्सा सहायता के तीन हजार मिलने पर सभी गदगद

विकासखंड बहादुरपुर के ग्राम कसेरुवा खुर्द में कार्यक्रम में बाल श्रमिकों व लाभग्राही समूह की महिलाओं ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे खाते में मिलने की बात कही। चिकित्सा सहायता के तीन हजार मिलने पर सभी गदगद हो गए। मातृत्व शिशु लाभ और शादी अनुदान की धनराशि मिलने से गांव के लोग सूदखोरों के चंगुल से मुक्त हो गए। महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण कराने से लेकर लाभ दिलाने में अरमान युवा कल्याण समिति के अध्यक्ष चंद्रमणि मिश्र ने भरपूर सहयोग किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के प्रोग्राम मैनेजर सर्वेश पांडेय, तकनीकी रिसोर्सपर्सन नया सवेरा शुवेंदु राय आदि मौजूद रहे।

विद्यार्थियों ने जाना बालश्रम के दुष्प्रभाव

 श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस मनाया गया था। इस दौरान विद्यालय के सिटीजन क्लब व नारी शक्ति मंच के शिक्षकों ने फेसबुक लाइव के जरिए वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की। इसका विषय प्रोटेक्टिंग चिल्ड्रन वर्सेस प्रमोटिंग चिल्ड्रन था। विद्यालय की प्रधानाचार्य रविंदर बिरदी ने विद्यार्थियों को बालश्रम के दुष्प्रभाव बताए। इस मौके पर विद्यालय के काउंसलर ज्ञान प्रकाश दुबे, श्वेता सिंह, विदुषी शर्मा, अपूर्वा श्रीवास्तव, नागेश्वर शर्मा, सतयांशी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।

Edited By: Ankur Tripathi