कौशांबी, जागरण संवाददाता। हाइटेक होते जमाने में भी लोग अंधविश्वास का दामन नहीं छोड़ रहे, नतीजा यह कि इसके चक्कर में लोग जान गंवा रहे हैं। कौशांबी में हफ्ते भर के भीतर अंधविश्वास के चलते सांप डसने पर इलाज की बजाय इधर-उधर के चक्कर में पड़ने पर मौत होने का दूसरा मामला सामने आया है। ताजा मामला चरवा थाना क्षेत्र के बलीपुर टाटा गांव का है जहां कमरे में सोते समय 16 साल के लड़के को सांप ने डसा तो हालत बिगड़ने पर उसका इलाज कराने की बजाय परिवार के लोग झाड़-फूंक कराने में लगे रहे। यही नहीं, मौत के बाद उसकी लाश में दिन भर जान डालने का प्रयास चलता रहा। शव को लेकर झाड़ फूंक और अस्पतालों में दिखाने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

झाड़-फूंक और इलाज के बाद भी जारी रही कोशिश

चरवा थाना क्षेत्र के बलीपुर टाटा गांव निवासी प्रीतम उर्फ पप्पू ने गांव के चौराहे पर सैलून खोल रखा है। उनका 16 वर्षीय बेटा अंकित कक्षा नौवीं तक पढ़ाई करने के बाद पिता के साथ बाल कटिंग का काम करने लगा था। सोमवार की रात वह परिवार के लोगों के साथ घर के आंगन में सो रहा था। इस बीच रात में बारिश से बचने के लिए अंकित कमरे के भीतर चला गया। वहां उसे सांप ने डस दिया। पता चला तो वह रोने चीखने लगा। उसकी चीख पुकार सुनकर परिवार समेत जुटे मोहल्ले के लोगों ने झाड़ फूंक के लिए लेकर चले गए। इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बजाय दोपहर तक चले झाड़-फूंक के दौरान ही उसकी मौत हो गई। अंधविश्वास में डूबे लोग शाम तक तंत्र मंत्र कराते रहे, जब कोई नतीजा नहीं निकला तब उसे अस्पताल ले गए लेकिन तब तक में बहुत देर हो चुकी थी।

केले के पत्ते में बांधकर जान लाने का प्रयास

अंकित की मौत की जानकारी देने के बाद भी परिवार के लोगों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। शव को घर ले जाकर भी उसमें जान फंकने की कोशिश करते रहे। बेटे के शव को केले के पत्ते के साथ बांधकर लाश में जान फूंकने का सिलसिला बुधवार देर शाम तक चलता रहा। इस बीच जानकारी पर पहुंची पुलिस व लेखपाल को भी वहां से लौटना पड़ा। बताया गया कि परिवार के लोगों ने अब भी आस नहीं छोड़ी। चार रोज पहले कौशांबी में ही सांप डसने से युवक की मौत के बाद उसके शव को कई घंटे तक गोबर में ढककर रखा गया था।

Edited By: Ankur Tripathi