प्रयागराज, जागरण संवाददाता। नौतनवा दुर्ग एक्सप्रेस में बम होने की फर्जी सूचना देने वाले दो सगे भाइयों को जीआरपी ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पास से वह मोबाइल फोन भी जीआरपी ने बरामद किया, जिससे फोन कर उन्होंने ने ट्रेन में बम रखे होने की सूचना दी थी। दोनों के विरुद्ध रेलवे एक्ट व विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।

चार दिसंबर को किया था फोन

जीआरपी ने बताया मध्य प्रदेश के अमलाई गांव जिला अनूपपुर निवासी अख्तर रजा ने 4 दिसंबर को 112 नंबर पर फोन कर बताया था कि नौतनवा दुर्ग एक्सप्रेस के कोच नंबर एस. फाइव, एस. आठ और एस 10. में बम रखा है। पुलिस कंट्रोल रुम में सूचना पहुंची तो हड़कंप मच गया था। सिविल पुलिस ने जीआरपी कंट्रोल रूम को जानकारी दी तो नौतनवा एक्सप्रेस की लोकेशन ट्रेस की गई। पता चला कि ट्रेन प्रतापगढ़ पहुंचने वाली है ।

प्रतापगढ़ रेलवे स्‍टेशन पर ट्रेन में हुई थी गहन चेकिंग

टनौतनवा एक्‍सप्रेस ट्रेन की लोकेशन मिलने पर प्रतापगढ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोका गया और सिविल पुलिस के साथ जी जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। फोन पर जिन कोच की जानकारी दी गई थी उनका कोना कोना छान मारा लेकिन, बम नहीं मिला। इस दौरान यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

सर्विलांस से मध्‍य प्रदेश में पकडे गए फर्जी सूचना देने वाले

ट्रेन बम नई मिलने के बाद जीआरपी पोस्ट प्रयागराज में मुकदमा दर्ज किया गया। जिस मोबाइल नंबर से बम होने की सूचना आई थी, उसे सर्विलांस पर लगाया गया। मोबाइल नंबर की लोकेशन मध्य प्रदेश में मिली। जीआरपी ने छापेमारी कर फोन करने वाले अख्तर रजा और उसके भाई अहमद रजा को गिरफ्तार कर लिया।

युवकों ने बताया, ट्रेन निरस्त करने के लिए किया था फोन

जीआरपी ने बताया कि दोनों युवकों से जब पूछताछ की गई तो पता चला उन्हें इसी ट्रेन से सफर करना था। हालांकि उनकी ट्रेन छूट गई थी। इसके बाद दोनों के खुराफाती दिमाग में एक आइडिया आया कि ट्रेन को निरस्त करवा देते हैं, जिससे उनके टिकट का पैसा भी वापस हो जाएगा। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम में अपने मोबाइल से फोन कर ट्रेन में बम रखे होने की सूचना दे दी थी।

Edited By: Brijesh Srivastava