प्रयागराज, जागरण संवाददाता। सरकार की ओर से तो किसानों को फसलों के अच्‍छे उत्‍पादन के लिए तमाम सुविधाएं और सब्सिडी दी गई है। हालांकि अभी भी कई ऐसे किसान हैं, जिन्‍हें इनके बारे में जानकारी नहीं है। इससे वे उर्वरक और बीज का खेतों में कामचलाऊ ढंग से उपयोग करते हैं। इससे फसल उत्‍पादन पर भी प्रभाव पड़ता है। आइए जानें कि गुणवत्‍तापूर्ण बीज, उर्वरक और सब्सिडी कैसे और कहां मिल सकती है।

किसानों के लिए सरकारी योजना : योगी सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में लगी हुई है। इसी क्रम में प्रदेश के किसानों को योगी सरकार ने समय-समय पर कई बड़ी सौगात दी है। प्रयागराज में कृषि विभाग द्वारा किसानों को कई सुविधाएं दी जा रही है। जो भी सरकार द्वारा सुविधाएं आती है वो किसानों को उपलब्ध कराई जाती है। किसानों की जो मुख्य आवश्यक्ता होती है खाद और बीज की कृषि विभाग किसानों को खाद और बीज उपलब्ध कराता है।

प्रयागराज के 8.5 लाख रजिस्टर्ड किसानों को ही मिलता है योजनाओं का लाभ : जिला कृषि अधिकारी के अनुसार प्रयागराज जनपद में जितने भी उर्वरक आते हैं, वह सब्सिडी पर उपलब्ध होते हैं। जिले में कुल खेती 3 लाख 25 हजार 656 हेक्टेयर में होती है। लगभग 8.5 लाख से अधिक किसान रजिस्टर्ड है। इन्ही रजिस्टर्ड किसानों को विभाग द्वारा लाभ देय होता है।

कहां से लें उर्वरक : किसानों के लिए दो क्षेत्रों से उर्वरक उपलब्ध होता है। पहला प्राइवेट सेक्टर है इसमे जो लाइसेंसी उर्वरक विक्रेता यानी रिटेलर होते हैं। ऐसे लगभग 1 हजार 284 लाइसेंस जारी है। जो विभिन्न शहरों में और बाजारों में दुकानें उपलब्ध है। जहां से किसान उर्वरक प्राप्त करते है। सभी उर्वरक किसान को आधार कार्ड के अनुसार मिलाता है। किसानों के लिए दूसरा उर्वरक का स्रोत सहकारिता क्षेत्र है। इसमें इफको और क्रिपको क्षेत्र की फर्टिलाइजर कंपनियां उर्वरक उपलब्ध कराती हैं। सहकारिता क्षेत्र में हमारे कुल 101 सोसाइटी है जिसमें सहकारिता के उर्वरक उपलब्ध रहते है साथ ही अन्य सहकारी संस्थाओं में भी ये उर्वरक उपलब्ध रहते है जहां से किसान आसानी से इन्हें प्राप्त कर सकते हैं।

सब्सिडी पर बीज की सुविधा : जिले में बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराते हैं। प्राइवेट क्षेत्र में 604 कुल दुकानें हैं, जिन्हे लाइसेंस जारी है। यहां से किसान विभिन्न फसलों के बीज खरीद सकते हैं। 23 ब्लाकों में राजकीय कृषि बीज गोदाम बने हुए है। जहां से किसान सरकारी बीज सब्सिडी पर प्राप्त कर सकते हैं। यह सब्सिडी किसान को आनलाइन डीबीटी के माध्यम से दी जाती है।

किसानों के खाते में भेजी जाती है सब्सिडी : जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्य के अनुसार किसान पूरे दर पर बीज राजकीय कृषि गोदाम से प्राप्त करते हैं, जो सब्सिडी का भाग है, वह किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। पिछले रबी की फसल में बीज वितरण का लक्ष्य 105718 कुंतल था और खरीफ की फसल में बीज वितरण का लक्ष्य 18637 कुंतल था, जिन्हें सरकारी और प्राइवट संस्थानों के माध्यम से किसानों को दिया गया है। इसी प्रकार उर्वरक का प्रत्येक सीजन के हिसाब से लक्ष्य निर्धारित होता है। लक्ष्य के हिसाब से प्रति माह उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाती है। इसके बाद किसानों को विभिन्न दुकानों से और सहकारी क्षेत्र की दुकानों से उपलब्ध कराते है।

क्‍या कहते हैं जिला कृषि अधिकारी : जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले रबी की फसल में उर्वरक का लक्ष्य 2 लाख 10 हजार 568 मेट्रिक टन था। इस वर्ष खरीफ की फसल में 1 लाख 48 हजार 153 मेट्रिक टन का लक्ष्य है। जिसके अनुसार पूरे जिले में किसानों को पूर्ति की जाती है। इसके साथ ही विभाग द्वारा हमेशा ध्यान रखा जाता है कि किसानों को गुणवत्तपूर्ण बीज और उर्वरक मिलती रहे। शिकायत मिलने पर उस पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।

क्‍या कहते हैं किसान : पिछले पांच वर्षों की बात करें तो किसानों का कहना है कि योगी सरकार ने किसानों के हित में ही कार्य किए हैं। अब उर्वरक और बीज गुणवत्तापूर्वक मिल रहे हैं, जिससे की फसल भी काफी अच्छी हो रही है। प्रयागराज के नवाबगंज क्षेत्र के कौडिहार गांव के रहने वाले आशीष त्रिपाठी का कहना है कि योगी सरकार ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं, जिसकी वजह से अब किसानों और लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। इसी तरह मेजा गांव के रहने वाले अजय कुमार भी सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं से खुश हैं।

Edited By: Brijesh Srivastava

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