प्रयागराज, जेएनएन। गाजियाबाद से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) के बीच कैटल रन ओवर (सीआरओ) की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इससे ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होता है। भारतीय रेल अपने रेलवे ट्रैक के किनारे दीवार बनवा रहा है। अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (डीएफसी) भी ट्रैक के दोनों तरफ दीवार बनवाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।

डीएफसी के ट्रैक पर केवल मालगाडिय़ों का ही परिचालन होगा

ईस्टर्न डीएफसी पर दिल्ली-हावड़ा रूट पर अलीगढ़, टुंडला, इटावा, कानपुर और डीडीयू के आसपास के क्षेत्रों में सीआरओ की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। सीआरओ की घटनाओं के कारण वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी लेट हो जाती हैं। इसलिए रेलवे अपने ट्रैक के किनारे दीवार बनाने का काम कर रहा है। भारतीय रेल के ट्रैक के किनारे और शहरों में बाइपास पर डीएफसी अपना अलग ट्रैक बिछा रहा है। डीएफसी के ट्रैक पर केवल मालगाडिय़ों का ही परिचालन होगा तो ऐसे में डीएफसी भी सीआरओ की घटनाओं से परेशान है।

डीएफसीसीआइ के मैनेजिंग डायरेक्टर बोले

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग सचान का कहना है कि डीएफसी के दोनों किनारों पर दीवार बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करवा जा रहा है। सबसे पहले सीआरओ घटना बहुल्य क्षेत्र में दीवार बनाई जाएगी। उसके बाद धीरे-धीरे पूरे ट्रैक को दोनों तरफ से कवर किया जाएगा। इसके लिए अलग से फंड की जरूरत भी पड़ेगी।

हरियाली से बढ़ेगी परेशानी भी, डीएफसी के लिए होगी चुनौती 

डीएफसी के ट्रैक के किनारे पेड़-पौधे लगाने की योजना भी है। ट्रैक के किनारे हरियाली होने पर वहां मवेशी आएंगे। मवेशी ट्रैक पर न जाएं, उनके कारण ट्रेनों का परिचालन प्रभावित न हो, यह डीएफसी के लिए चुनौती रहेगी।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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