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प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली समेत पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में आंदोलन 16वें दिन भी जारी रहा। निवर्तमान छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव समेत चार छात्रों ने मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराया।

इविवि कार्यपरिषद की बैठक में छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद किया गया था

29 जून को कार्य परिषद की बैठक में इविवि में छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद लागू कर दिया गया था। इसके बाद से छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले 16 दिन से निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। मंगलवार को छात्र मुंडन कराने के लिए जुटे। इसी बीच पुलिस ने सभी को धरनास्थल से गिरफ्तार कर लिया। कैंट थाने से देर शाम सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था। एक बार फिर सभी आंदोलित छात्र छात्रसंघ भवन पर जुटे। यहां मुंडन करवा कर छात्रसंघ बहाली की मांग की। मुंडन करवाने वालों में अखिलेश के अलावा अजय सिंह सम्राट, सत्यम कुशवाहा, अंकित प्रतिहार शामिल रहे।

शांतिप्रिय तरीके से चल रहे आंदोलन को दबाने का प्रयास : पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अजीत यादव एवं रोहित मिश्रा ने कहा कि मंगलवार को जिस तरह गिरफ्तारी की गई तथा लोकतांत्रिक एवं शांतिप्रिय तरीके से चल रहे आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दौरान निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश, महामंत्री शिवम सिंह, उप मंत्री सत्यम सनी, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, विक्रांत सिंह, अजीत विधायक, अखिलेश गुप्ता, जितेश मिश्रा, राहुल क्रांति, प्रशांत समाजसेवी, आशीष प्रताप, दुर्गेश सिंह, धीरन, आनंद सेंगर, राहुल पटेल, पृथ्वी प्रकाश तिवारी आदि मौजूद रहे।

निष्कासित छात्र परिसर में दिखे तो होगाी कड़ी कार्रवाई : इविवि पीआरओ

इविवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. चित्तरंजन कुमार ने कहा कि छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी बेवजह कैंपस में धरना देकर कक्षाओं को बाधित कर रहे हैं। छात्र परिषद पर जो अंतिम निर्णय होना था वह हो गया। यदि निष्कासित छात्र परिसर में दोबारा दिखे तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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