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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व विधायक बृजेश सौरभ को फिर मिली जान से मारने की धमकी Prayagraj News

By Brijesh SrivastavaEdited By:
Published: Fri, 15 Nov 2019 07:16 PM (IST)Updated: Fri, 15 Nov 2019 07:54 PM (IST)

फोन करने वाले ने अपनी गतिविधि कम न करने पर जान से मारने की धमकी दी। यह कहा कि श्रीराम ...और पढ़ें

पूर्व विधायक बृजेश सौरभ को फिर मिली जान से मारने की धमकी Prayagraj News
पूर्व विधायक बृजेश सौरभ को फिर मिली जान से मारने की धमकी Prayagraj News

प्रयागराज, जेएनएन । पडोसी जनपद प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक और भाजपा नेता बृजेश मिश्र सौरभ को इंटरनेशनल कॉल से जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्हें राम मंदिर बनने के पहले हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के पास पहुंचाने की बात कही गई है। इस मामले में पूर्व विधायक ने लखनऊ के महानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

लखनऊ में भी है पूर्व विधायक का घर

अंतू  क्षेत्र के कपासी गांव निवासी भाजपा नेता व पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ ने दहिलामऊ और लखनऊ के पेपर मिल कालोनी, निशांतगंज में आवास बना रखा है। वह गुरुवार को शाम 6:14 बजे लखनऊ स्थित आवास से अपने एक मित्र को छोडऩे इंदिरानगर जा रहे थे। उसी समय उनके मोबाइल पर इंटरनेशनल कॉल आई। उनका आरोप है कि फोन करने वाले ने अपनी गतिविधि कम न करने पर जान से मारने की धमकी दी। यह कहा कि श्रीराम मंदिर बनने के पहले कमलेश तिवारी के पास पहुंचा दिया जाएगा। कमलेश तिवारी तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। साथ में जो सुरक्षा कर्मी है, वह बचा नहीं पाएंगे।

नाइजीरिया से आई थी इंटरनेशनल कॉल

पूर्व विधायक के अनुसार इंटरनेशनल कॉल नाइजीरिया से आई थी। उन्होंने शुक्रवार को लखनऊ के महानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके पूर्व 25 अक्टूबर को दहिलामऊ स्थित आवास पर रहने के दौरान उन्हें इंटरनेशनल कॉल से धमकी दी गई थी। वह नंबर भी नाइजीरिया का था। उस मामले में पूर्व विधायक ने नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और एसपी से भी शिकायत की थी। इसके बाद एसपी ने पूर्व विधायक की सुरक्षा में एक गनर और बढ़ा दिया था। पूर्व विधायक ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर केंद्रीय सुरक्षा की मांग की है। पत्र में यह हवाला दिया है कि उन्हें पहले केंद्र से एक्स श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, जिसे तीन महीने पहले हटा लिया गया था।