प्रयागराज, जेएनएन। सरकारी कार्य में बाधा डालने के मुकदमे में भाजपा के पूर्व विधायक अनिल कुमार सिंह ने एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया। न्यायिक हिरासत में लेने के बाद विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की। पर्याप्त आधार मिलने व जमानत देने पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।

सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में बलिया में दर्ज हुआ था केस

अनिल कुमार सिंह पुत्र गिरिजा बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र स्थित गुरुजपुर गांव के निवासी हैं। बलिया के कोतवाली थाने में 16 सितंबर 2016 को तत्कालीन थानाध्यक्ष अशेष पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि अपहृत लड़की की जल्द बरामदगी के लिए भाजपा के प्रतिनिधि मंडल में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त व उपेंद्र कुमार तिवारी, विजय गुप्ता समेत कई अन्य लोग ज्ञापन देने आए थे। लड़की को तत्काल बरामद किए जाने की बात दोहराते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की थी।

प्रापर्टी डीलर हत्याकांड में जमानत अर्जी खारिज

प्रापर्टी डीलर सुरेश तिवारी उर्फ बबलू हत्याकांड के आरोपित संतोष यादव, कल्लू सोनकर, अभिषेक सोनी, आशुतोष पांडेय, राजकुमार यादव की जमानत अर्जी सेशन जज अनिल कुमार पांडेय ने खारिज कर दी। शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने जमानत अर्जी के विरोध में कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद है। शूटरों के जरिए 12 लाख की सुपारी देकर प्रापर्टी डीलर की हत्या करवाई गई है। इस पर अदालत ने अर्जी खारिज कर दी।

जमानत में अंतरिम अर्जी मंजूर

अपर जिला जज दिनेश चंद्र ने आरोपित सन्नी कुमार सोनकर, सत्येंद्र सोनकर की अग्रिम जमानत में अंतरिम जमानत अर्जी मंजूर की। याची के अधिवक्ता मनीष खन्ना ने कोर्ट को बताया कि प्रकरण मजिस्ट्रेट द्वारा परीक्षण किए जाने योग्य है। सात साल से कम की सजा का प्रावधान है और चेक अनादर का मामला एनआइ एक्ट में चलाया जाए।

बम रखने के जुर्म में कैद

चार बम रखने के आरोपित नीरज पासी निवासी धूमनगंज को अपर जिला जज मोना पवार ने दो साल आठ माह की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है। शासकीय अधिवक्ता शिवशरण श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि धूमनगंज पुलिस ने 10 फरवरी 2017 को नीरज के पास से बम बरामद किया था।

Posted By: Brijesh Srivastava

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