विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Indira Marathon: कोरोना महामारी के बाद पहली बार दिखा इंदिरा मैराथन में धावकों का संगम

By Ankur TripathiEdited By:
Published: Sat, 20 Nov 2021 07:20 AM (IST)Updated: Sat, 20 Nov 2021 07:36 AM (IST)

इंदिरा मैराथन के लिए पिछले एक पखवारे से युद्ध स्तर पर तैयारियां हुई। गुरूवार शाम ही आनंद भवन के सामने ...और पढ़ें

काेरोना से ठप धर्म और न्याय की नगरी में आखिरकार इंदिरा मैराथन के जरिए स्फूर्ति का प्रस्फुटन हुआ ।
काेरोना से ठप धर्म और न्याय की नगरी में आखिरकार इंदिरा मैराथन के जरिए स्फूर्ति का प्रस्फुटन हुआ ।

प्रयागराज,  जागरण संवाददाता। काेरोना महामारी से ठप पड़ी धर्म और न्याय की नगरी में आखिरकार इंदिरा मैराथन के जरिए स्फूर्ति का प्रस्फुटन हुआ । दो साल से खामाेश धावकों ने जीत की नई पठकथा लिखी। जैसे ही धावक प्रारंभिक लाइन पर खड़े हुए पीएसी के बैंड पर बज रहे सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान की धुन ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हर खिलाड़ी की आंख में चमक बिखेर दी। मंच से उदघोषक के जोशीले शब्दों से ठंड में भी गर्मी का एहसास हो रहा था। जोश, जूनून के बीच उमंग, उत्साह और संकल्प के संगम से गुलाबी ठंड और कुहासे में भारत माता की जयकार शुरू हुई तो भरद्वाज मुनि का आश्रम परिक्षेत्र प्रयाग की आध्यात्मि ऊर्जा में डूब गया। मैराथन में शामिल होने के लिए सैकड़ों की संख्या में एथलीट पहुंचे। जिला प्रशासन से लेकर खेल विभाग और फेडरेशन की टीम व्यवस्थाओं को चुस्त दुरूस्त करती रही। शाम को पुरस्कार का वितरण होने के बाद शानदार आयोजन पर खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी समेत विभाग व प्रशासन को बधाई दी।

एक पखवारे से तैयारी हो रही थी

इंदिरा मैराथन के लिए पिछले एक पखवारे से युद्ध स्तर पर तैयारियां हुई। गुरूवार की शाम ही आनंद भवन के सामने मंच लगा । शुक्रवार की भोर चार बजे से खिलाड़ी पहुंचने लगे। बड़ी संख्या में शहरी व सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे भी स्कैटिंग करते हुए धावकों का उत्साह बढ़ाते रहे।

भारत माता की जय के जयकारों से गूंजता रहा स्टेडियम

खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व द्वीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। 6:35 बजे हरी झंडी दिखाकर पहले महिला धावकों को और पांच मिनट बाद पुरुष धावकों को रवाना किया। धावकों के आगे और पीछे मोबाइल मेडिकल टीम, एथलेटिक फेडरेशन आफ इंडिया, यूपी ऐसोसिएशन, जिला प्रशासन, खेल विभाग की टीम चलती रही। पुलिस ने चौराहे व रूट डाइवर्जन वाले स्थलों पर ट्रैफिक को रोक कर धावकों को आगे भेजा धावकों का उत्साह बढ़ाने के लिए घरों से लोग बाहर निकले और तालिंया बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। मैराथन में दौड़ रहे रहे धावकों में 203 पुरुषों व 38 महिलाओं ने ही चिप पहनी, जिससे कंट्रोल रूम से इनकी ही सीधे ट्रैकिंग हुई। दांदूपुर मोड़ पर सबसे पहले मुरादाबाद के अशोक कुमार, राय बरेली के सर्वेश कुमार, जौनपुर के मनोज यादव, प्रयागराज के अवध नारायण पहंचे। इन्होंने शुरूआत से बढ़त बनाए रखी। लेकिन, वापसी के दौरान सेना के ग्रुप ने धीरे धीरे अपनी गति बढ़ाई और फिनिशिंग लाइन के 7 किमी पहले बेलीएप्पा, हेतराम, अनिल कुमार ने पास ले लिया और अपनी गति बढ़ाते चले गए। स्टेडियम में जैसे ही बेलीएप्पा ने प्रवेश किया पूरा परिक्षेत्र तालियों से गूंज उठा और भारत माता की जयकारों के साथ इंदिरा मैराथन को नया चैंपियन मिला।