प्रयागराज, जेएनएन। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का इन दिनों तेजी से संक्रमण है। ऐसे में राज्य विश्वविद्यालयों में वार्षिक, सेमेस्टर परीक्षा को लेकर मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट को शासन से सहमति मिल गई। इससे प्रयागराज के दो राज्य विश्वविद्यालय और मंडल के संबद्ध महाविद्यालयों के पांच लाख परीक्षार्थी बगैर परीक्षा प्रोन्नत होंगे। हालांकि, अभी उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय को शासन के दिशा-निर्देश का इंतजार है।

कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई थी

दरअसल, प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विवि की परीक्षाएं तीन मार्च से शुरू हो गई थीं लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण स्थगित कर दी गईं। पिछले दिनों परीक्षा को लेकर प्रो. तनेजा की कमेटी की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी। ऐसे में अब प्रोफेसर राजेंद्र सिंह राज्य विवि और मंडल के संबद्ध महाविद्यालयों के चार लाख 90 हजार 88 छात्र-छात्राएं बगैर परीक्षा प्रोन्नत होंगे। इनमें परास्नातक में 53063, स्नातक में 350676 और प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में 36349 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इसी तरह मुक्त विश्वविद्यालय के 50 हजार छात्र-छात्राएं भी प्रोन्नत किए जाएंगे।

राज्य विवि की कुलपति ने सराहनीय कदम बताया

प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव का कहना है कि शासन की तरफ से सराहनीय फैसला लिया गया है। महामारी के दौर में परीक्षा कराना विश्वविद्यालयों के लिए चुनौतीपूर्ण काम था। विश्वविद्यालय प्रशासन शासन के दिशा-निर्देश के अनुपालन में काम करेगा।

बोले उप्र राजर्षि टंडन मुक्त विवि के कुलपति

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह का कहना है कि अभी तक शासन की ओर से कोई सर्कुलर विश्वविद्यालय प्रशासन को प्राप्त नहीं हुआ है। यदि निर्देश मिलता है तो छात्र-छात्राओं को बगैर परीक्षा अगली कक्षा के लिए प्रोन्नत कर दिया जाएगा।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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