प्रयागराज, जागरण संवाददाता। कोरोना की दूसरी लहर के बाद सुविधाओं और उपचार की दृष्टि से स्वयं का विकास करने में जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सीएचसी सोरांव, मांडा, फूलपुर, होलागढ़ और सीएचसी कोटवा को एन्क्वास यानी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड से हरी झंडी मिलने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कायाकल्प अवार्ड मिला है। इसमें इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहतर होने पर एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार घोषित हुआ है। 

पांच सीएचसी, जिन्‍हें मिला गौरव

सोरांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एन्क्वास की टीम को बेहतर प्रगति मिली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कायाकल्प अवार्ड के लिए कुल 215 सीएचसी को चुना है। इसमें जनपद के सोरांव का स्थान 199 है और 100 में से उसे 71.8 अंक मिले हैं। वहीं, होलागढ़ के सीएचसी ने 118 वां स्थान हासिल किया है और उसके 75.3 अंक हैं। कोटवा को 44 वां, फूलपुर को 66 वां व मांडा को 131 वां स्थान मिला है। कोविड महामारी में शानदार प्रदर्शन के बाद इस पुरस्कार की घोषणा की गई है।

सीएचसी सोरांव के अधीक्षक बोले

सीएचसी सोरांव के अधीक्षक डा. विजय पाठक ने बताया कि यह हर्ष का विषय है। कहा कि हम सोरांव सीएचसी को नंबर वन बनाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास कर रहे हैं और हर किसी तक स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ मिल सके इसके लिए काम कर रहे हैं।

वर्ष 2015 से शुरू हुआ पुरस्कार

2015 में तत्कालीन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने जन स्वास्थ्य सुविधाओं को पुरस्कृत करने के लिए कायाकल्प पहल की शुरूआत की थी। तब से यह पुरस्कार अलग-अलग श्रेणी में प्रतिवर्ष दिया जाता है। इसका उद्देश्य है कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधा मिल सके। इसमें मरीजों को बेहतर इलाज, साफ सफाई, चिकित्सा स्टाफ का मरीजों व तीमारदार से व्यवहार, संक्रमण से मृत्युदर कम करने, संसाधन, जरूरी संसाधन, पर्याप्त स्टाफ, मरीजों की संख्या, मरीजों की संतुष्टि आदि पर कई चरणों में मूल्यांकन किया जाता है।

सीएमओ ने जताई खुशी

सीएमओ डा. नानक सरन ने अवार्ड मिलने पर खुशी जताई। कहा कि जनपद की पांच सीएचसी को कायाकल्प अवार्ड मिला है। इसमें एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलती है। इसमें 25 फीसद संबंधित अस्पताल के स्टाफ पर और 75 फीसद अस्पताल में विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है।

Edited By: Brijesh Srivastava