प्रयागराज : गंगा की निर्मलता और अविरलता का संकल्प लेकर बुधवार को सैकड़ों ग्राम प्रधान, गंगा प्रहरी और टॉस्क फोर्स के सदस्य कुंभ मेले से विदा हुए। दो दिवसीय गंगा सम्मेलन में 25 जिलों के गंगा किनारे बसे गांवों के ग्राम प्रधान, निकायों के अधिकारी शामिल हुए।

   राज्य स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर एक में नमामि गंगे की प्रदर्शनी में बुधवार को दो शिफ्टों में सम्मेलन का आयोजन किया गया। 'नमामि गंगे' पीआइएस नगर विकास विभाग के सलाहकार आदित्य विद्या सागर ने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गंगा सफाई से जुड़े विभिन्न मंचों और लोगों की भूमिका बताई। कहा कि देश-दुनिया के लोग आकर गंगा को पूजते हैं और इसका अध्ययन करते हैं, लेकिन हम इनकी निर्मलता और अविरलता को लेकर तनिक भी चिंता नहीं करते हैं। गंगा को संवैधानिक मां का दर्जा मिला है तो इनके महत्व को हमें समझना होगा। कहा कि लोगों को इस अभियान से जोडऩे के पहले ग्राम प्रधानों को खुद इस दिशा में पहल करनी पड़ेगी।

   कहा कि वह भी उनके साथी की तरह हैं, जिस तरह वह काम कर रहे हैं, सम्मेलन में आए लोग भी उसी तरह काम कर सकते हैं। ग्राम प्रधानों ने गंगा की निर्मलता और अविरलता का संकल्प लेते हुए अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की बात कहीं। सम्मेलन में 25 जिलों के गंगा किनारे के 1101 गांवों के ग्राम प्रधान, 100 गंगा प्रहरी, गंगा टॉस्क फोर्स के सदस्य आदि शामिल हुए।

Posted By: Brijesh Srivastava