प्रयागराज, जागरण संवाददाता। कोरोना वायरस की दूसरी लहर जब तक तेज थी, तब तक लोगों ने मास्क को ही अपनी जान का सुरक्षा कवच समझा। यह सुरक्षा कवच अब भी है लेकिन अधिकांश लोगों को लग रहा है कि मास्क की अब कोई जरूरत नहीं है। इसलिए 90 फीसद लोगों ने मास्क लगाना ही छोड़ दिया है। जबकि मास्क ही है जो हमें अनेक बीमारियों से बचाता है। खासतौर से सांस संबंधी सभी बीमारियां मास्क लगाए रहने से दूर होती हैं। मौसम से होने वाली एलर्जिक बीमारियोें से भी मास्क बचाता है।

मास्‍क से क्षयरोगियों की संख्‍या में कमी : डा. एके तिवारी

जिला क्षयरोग अधिकारी डा. एके तिवारी का कहना है कि बीते डेढ़ साल से लोग मास्क लगा रहे हैं। इसका फायदा हुआ कि क्षयरोग के रोगियों की तादाद कम मिल रही है। अप्रत्याशित रूप से इसमें 15 से 18 फीसद तक गिरावट आई है। कई लोगों को सांस से संबंंधित समस्या होती है, या फिर अस्थमा होता है। ऐसे लोगों को थोड़ी भी धूल वाली जगह जाने पर काफी दिक्कतें होती हैं। अगर मास्क लगाए होते हैं तो यह सांस संबंधी सभी रोग से होने वाली परेशानी से बचाता है।

आंख की एलर्जी व मुुहासे से भी बचाए मास्क

बस एक मास्क आपको चेहरे की त्वचा पर होने वाली एलर्जी और आंख में होने वाली एलर्जी से भी बचाता है। अक्सर गर्मी के दिनों में हमारे चेहरे पर मुहासे हो जाते हैं। यह धूल और मिट्टी के कण जमने से होते हैं। वहीं आंखों में जलन और खुजली की समस्या होती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. केजी सिंह कहते हैं कि इन दोनों ही समस्याओं से मास्क लगाकर छुटकारा पाया जा सकता है। कहा कि अब अधिकांश लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं यह लापरवाही है। जबकि इसी मास्क ने हमें डेढ़ साल से अनेक बीमारियों से बचाए रखा है।

Edited By: Brijesh Srivastava