प्रयागराज, जागरण संवाददाता। नशा जाने कितने परिवारों को तबाह कर चुका है लेकिन तब भी लोग नशाखोरी से बाज नहीं आ रहे हैं। नशे की वजह से अक्सर दुखद घटनाएं सामने आ रही हैं लेकिन इससे सबक लेने की बजाय तमाम लोग नशे के दलदल में समाते जा रहे हैं। ताजा मामला कौशांबी जनपद के कोखराज इलाके का है जहां कसिया पश्चिम गांव में नशे में धुत एक शख्स ने अपने बेटे को गला दबाकर पटक दिया जिससे उसकी मौत हो गई। बेटे के कातिल पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे थाने ले जाया गया।

जो भी कमाता उड़ा देता था नशे में

यह दुखद वाकया पश्चिम कसिया गांव में गुरुवार दोपहर का है। इस गांव में शंभू अपने परिवार के साथ गांव के बाहर हाइवे किनारे पन्नी से झोपड़ी बनाकर रहता आ रहा है। परिवार में पत्नी उर्मिला देवी और छह बच्चे हैं। एक तो गरीबी और ऊपर से शंभू की नशाखोरी। इस वजह से परिवार के लिए पेट भरना भी मुश्किल हो रहा था। कमाई की बजाय शंभू नशाखोरी में ज्यादा जुटा रहता था। जो भी पैसे मिलते, उसे शराब और गांजा का नशा करने में उड़ा देता। इस वजह से पत्नी-बच्चों को अक्सर बिना कुछ खाए दिन गुजारना पड़ जाता था।

नशे करने पर टोका तो खो दिया आपा

आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि शंभू इस कदर नशे का लती हो गया था कि वह दिन में ही शराब और गांजा का नशा करता था। सुबह से रात तक वह नशे में डूबा रहता। घर में खाने के लिए कुछ नहीं होने पर पत्नी उर्मिला टोकती तो वह मारपीट पर उतारू हो जाता था। ऐसे में परिवार में रोज ही कलह बनी रहती थी। गुरुवार को भी वह दोपहर नशे में धुत होकर आया तो पत्नी उर्मिला से उसकी कहासुनी हो गई। इसके बाद वह गालीगलौज और मारपीट करने लगा। इसकी दौरान उसने 12 साल के बेटे चंपू को दबोचा और गला दबाकर उसे पटक दिया। उर्मिला और बाकी बच्चे चीखने लगे तो वहां भीड़ लगी। फिर खबर पाकर पुलिस पहुंची। पुलिस ने शंभू को हिरासत में ले लिया। उसे थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बेटे के कातिल के खिलाफ केस लिखा जा रहा है। कत्ल के पीछे नशाखोरी है।

Edited By: Ankur Tripathi