प्रयागराज, जेएनएन। आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर अर्जी दी। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद जमानत का आधार पर्याप्त पाया। साथ ही 20-20 हजार रुपये की दो जमानत व इतनी ही धनराशि का मुचलका पेश करने पर रिहा किए जाने का आदेश दिया। वह करीब दो घंटे न्यायिक हिरासत में रहे। 

प्रयागराज जिले के थाना धूमनगंज क्षेत्र का है मामला

मामला प्रयागराज जिले के थाना धूमनगंज क्षेत्र का है। एसआइ राजेंद्र प्रसाद पांडेय द्वारा 2 मई 2007 को रपट दर्ज कराई गई कि 20-25 समर्थकों के साथ अभियुक्त वाहनों पर कमल चुनाव निशान लगाकर काफिला बनाकर केंद्रांचल कॉलोनी की तरफ आए। आचार संहिता का उल्लंघन करने के चलते उन्हें रोका गया, किंतु वे रुके नहीं। इसकी वजह से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट के समक्ष तर्क रखा गया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण झूठा फंसाया गया है। जमानत पर छोडऩे की याचना की गई। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। 

कोर्ट के कटघरे में गए

कोर्ट ऑफ ला के अनुपालन में डिप्टी सीएम को बुधवार को कोर्ट के कटघरे में थोड़ी देर के लिए जाना पड़ा। यद्यपि उनके अधिवक्ता कटघरे में खड़े होने से मना कर रहे थे, परंतु न्यायिक हिरासत में लिए जाने के लिए न्याय की मंशा पूर्ण किया जाना जरूरी है। उनके द्वारा कानून का सम्मान किया गया। 

जमानतदार हुए गायब

डिप्टी सीएम की जमानत मंजूर होने के बाद जमानत के कागजात पेश करने व जमानतदारों को कोर्ट के समक्ष पेश होना था, इस बीच जमानतदार गायब हो गए। इस कारण अनावश्यक विलंब होने पर डिप्टी सीएम खिन्न रहे। 

Posted By: Brijesh Srivastava

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