प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रभावित हो रहे लोगों की कम संख्या से माना जा रहा था कि डेंगू का असर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। बुधवार को इसका विकराल स्वरूप फिर सामने आया। एक युवा महिला अधिवक्ता समेत दो लोगों की डेंगू से मौत हो गई। साफ है कि डेंगू का डंक अब भी जानलेवा बना हुआ है जबकि कहा जाता है कि ठंड बढ़ने के साथ धीरे-धीरे डेंगू का कहर भी थम जाता है।

PGI लखनऊ में भर्ती थीं स्मृति कार्तिकेय, आज होगा अंतिम संस्कार

30 वर्षीय अधिवक्ता स्मृति कार्तिकेय का निधन पीजीआइ लखनऊ में हुआ। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर होगा। राजापुर निवासी राकेश बनौधा की बेटी स्मृति के निधन के बारे में जिसने भी सुना अवाक रह गया। जो उन्हें करीब से जानते थे उनकी आंखों से आंसू बह पड़े।

समाजसेवा में भी सक्रिय रहती थीं स्मृति, यादकर दुखी हो रहे लोग

दरअसल स्मृति वकालत पेशे के अलावा समाज सेवा में भी अग्रणी रहती थीं। कोरोना काल में उन्हाेंने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद की थी जबकि एसिड हमले से जुड़े मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उनका केस निश्शुल्क लड़ा। पिता राकेश बनौधा ने बताया कि बेटी को डेंगू होने पर कुछ दिन मेदांता अस्पताल में इलाज कराया था, हालत नहीं सुधरी तो पीजीआइ ले गए थे।

नवाबगंज में भी एक युवक की मौत, लोगों के प्रभावित होने का सिलसिला जारी

इसके अलावा, नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम कसारी पठकौली निवासी 25 वर्षीय राजू यादव पुत्र रामसिंह, को डेंगू हो गया था। दो दिन पहले एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार रात राजू की मौत हो गई।

डेंगू के प्रभाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। 10 या 12 लोग प्रत्येक दिन डेंगू से पीड़ित हो रहे हैं। मलेरिया विभाग के अनुसार अब तक 1431 लोगों को डेंगू हो चुका है। फिलहाल अस्पतालों में डेंगू मरीजों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है।

Edited By: Ankur Tripathi

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