प्रयागराज, जेएनएन। नकली दवा के सौदागर अनुपम गोस्वामी के साथ कई अन्य लोग इस धंधे से जुड़े हैं। दारागंज के एक युवक का नाम भी सामने आया है। पता चला है कि यही अनुपम गोस्वामी को अब तक बचाता रहा है। चार गोदामों से नकली दवा बरामद

अतरसुइया में एक माह पहले दवा की खेप पकड़ी गई थी लेकिन रविवार को तो इसी इलाके के बरगद घाट के पास से डेढ़ करोड़ की दवा बरामद की गई। चार गोदामों में छापेमारी कर पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने यह सफलता पाई थी। नकली दवा के सौदागर अनुपम गोस्वामी के भाई अनुराग को गिरफ्तार किया गया। नाम कई बताए मगर पता महज एक

पुलिस और ड्रग विभाग ने पूछताछ की तो अनुराग गोस्वामी ने कई राज खोले। उसने कई लोगों के नाम बताए, जो इस काले धंधे में शामिल हैं। हालांकि, वह पता किसी का नहीं बता सका, सिवाय एक को छोड़कर। उसने बताया कि दारागंज क्षेत्र का रहने वाला एक युवक उसके बड़े भाई का मददगार है। एक माह पहले जब नकली दवाएं पकड़ी गईं थी, तभी से वह अनुपम को इधर-उधर शरण दिलवा रहा है। जमानत के लिए हर कोशिश कर रहा है। अनुराग ने यह भी बताया कि वह युवक धंधे में भी शामिल है। हालांकि, वह दारागंज में कहां रहता है, इस बारे में वह ठीक से नहीं बता सका। पुलिस को दिए कई मोबाइल नंबर

अनुराग के मोबाइल को पुलिस ने चेक किया तो उसमें कई नंबर थे। कई उसके परिचितों के तो कई रिश्तेदारों के। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि इनमें से वह कौन से नंबर हैं, जो इस काले धंधे से जुड़े हैं। अनुराग से पूछा गया तो उसने दर्जन भर मोबाइल नंबर पुलिस को दिए। हालांकि, ये सभी नंबर बंद हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश में है कि ये नंबर किसके हैं और धंधे में इनकी भूमिका क्या है।

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