प्रयागराज, जेएनएन। भारी सुरक्षा के बीच चलने वालेे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अफसर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं। उन्हें इस बात की आशंका है कि 22 वर्ष बाद इविवि में होने वाले दीक्षा समारोह में कुछ अराजकतत्व उपद्रव कर सकते हैं। हालांकि, इविवि प्रशासन इस कदर लाचार है कि वह खुद इस मामले में कुछ भी नहीं कर पा रहा है।

छात्रसंघ चुनाव पर रोक से छात्र आंदोलन कर रहे

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 29 जून को हुई कार्य परिषद की बैठक में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी गई है। इसके बाद से इविवि के छात्र आंदोलनरत हैं। निलंबन और निष्कासन के साथ परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध के बीच वे खुलेआम धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच दीक्षा समारोह में पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी और डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि दिए जाने का निर्णय लिया गया। इसे लेकर इविवि के रिटायर्ड शिक्षक प्रो. राम किशोर शास्त्री ने विरोध शुरू कर दिया। मामला इस कदर गरमाया कि इविवि प्रशासन को आनन-फानन में प्रेसवार्ता कर सफाई देनी पड़ी।

इविवि प्रशासन ने उपद्रव की आशंका से आठ बार डीएम, एसएसपी को भेजा पत्र

अब इविवि प्रशासन को समारोह में उपद्रव की आशंका है। इस लिहाज से अब तक आठ बार इविवि प्रशासन ने डीएम और एसएसपी को पत्र भी लिखा। इसके बावजूद अब तक बीमार पड़े जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई करना उचित नहीं समझा।

बोले एसएसपी

एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज बोले कि इविवि प्रशासन का पत्र लगातार मिला है। दीक्षा समारोह में किसी प्रकार कोई भी उपद्रव नहीं कर पाएगा।

डीएम ने कहा, मसले पर जल्द वार्ता होगी

डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने कहा कि इविवि प्रशासन से इस मसले पर जल्द वार्ता की जाएगी। इसके बाद समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

इविवि के चीफ प्रॉक्टर ने कहा

इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे कहते हैं कि पत्र लिखकर जिले के प्रशासनिक अफसरों से अनुरोध कई बार किया। पुलिसकर्मी आकर हो-हल्ला मचाने के बाद चले जाते हैं।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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