प्रयागराज, जेएनएन। मुख्यमंत्री के पोर्टल पर आमजन की ओर से शिकायत पर शिकायत हो रही लेकिन शिकायतों के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। इस लापरवाही में स्वास्थ्य विभाग भी काफी आगे है। अब ऐसे अधीक्षकों व जिम्मेदार अफसरों को नोटिस भी भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री के पोर्टल आइजीआरएस पर शिकायतों की भरमार, निस्तारण नहीं

बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री के पोर्टल आइजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पर अपनी शिकायतें कर रहे हैं लेकिन उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इस व्यवस्था में सब कुछ ऑनलाइन है। स्थिति यह है कि इस पोर्टल पर स्वास्थ्य विभाग की शिकायतों की भरमार है। इसमें सीएमओ आफिस, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत विभिन्न तरह की शिकायतें हैं। विभाग के कई अधिकारियों व अधीक्षकों के खिलाफ भी शिकायतें हैं। अधीक्षक व अन्य अधिकारी इसमें कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। डॉक्टरों की उपस्थिति, कुछ अधीक्षकों की शिकायतें, आयुष्मान भारत योजना में धांधली, मातृत्व वंदना योजना, धनउगाही, भ्रष्टाचार व सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस जैसे मामले सबसे अधिक हैं।

नोडल अधिकारी की ओर से अधीक्षकों को नोटिस

आइजीआरएस पोर्टल के नोडल अधिकारी डॉ. विमलकांत हैं। उन्होंने इसके लिए सभी अधीक्षकों को नोटिस भी भेजा कि पोर्टल की शिकायतों को तत्काल निस्तारित करें, बावजूद इसके कोई असर नहीं हुआ। इस तरह की लापरवाही की स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

बोले सीएमओ डॉ. वाजपेयी

सीएमओ डॉ. जीएस वाजपेयी कहते हैं कि इसके लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। जिसके स्तर से लापरवाही हो रही है, उनको नोडल अधिकारी डॉ. विमलकांत के द्वारा नोटिस भी भेजी जा रही है। निर्देशित किया गया है कि तत्काल शिकायतों का निस्तारण किया जाए।

Posted By: Brijesh Srivastava

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