प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रतिभावान खिलाड़ी मुस्कान यादव अब चीन में होनी वाली 16वीं वल्र्ड साफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर सकेंगी। इसके लिए शहरियों ने दिल खोलकर आर्थिक मदद की। इसी क्रम में एमएलसी वासुदेव यादव ने गुरुवार को गोल्डेन गर्ल मुस्कान यादव की आर्थिक मदद करते हुए 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी। जबकि, पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इविवि मदद के नाम पर बजट का रोना रो रहा था।

चीन में होने वाली 16वीं वर्ल्‍ड साफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में हुआ है चयन

दरअसल, गोविंदपुर के कैलाशपुरी की मुस्कान यादव बीबीएस इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद इविवि से बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। मुस्कान के पिता अमर सिंह यादव अपट्रान चौराहे पर चाय-नाश्ते की दुकान चलाते हैं। मुस्कान ने बताया कि जालंधर के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में सात से नौ सितंबर तक हुए ट्रायल में इंडियन सॉफ्ट टेनिस टीम के लिए खिलाडिय़ों को चयनित किया गया था। अब 25 अक्टूबर से एक नवंबर तक चीन में आयोजित 16वीं वल्र्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप व 13 से 17 अक्टूबर तक अहमदाबाद में आयोजित प्रथम साउथ एशियन साफ्ट टेनिस चैंपियनशिप के भारतीय टीम में भी वह शामिल हैं।

प्रतियोगिता में हिस्सा लेने को 1.20 लाख रुपये की है जरूरत

चीन जाने के लिए मुस्कान को 1.20 लाख रुपये की आवश्यकता है। घर की माली हालत ठीक न होने की वजह से वह चीन जाने की स्थिति में नहीं थी। ऐसे में मुस्कान ने इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को पत्र लिखकर 1.20 लाख रुपये की मांग की। रकम इविवि तो नहीं दे सका, लेकिन छात्रसंघ बहाली के समर्थन की लड़ाई लड़ रहे संयुक्त संघर्ष समिति की पहल पर मुस्कान के चीन जाने में अब आर्थिक तंगी बाधा नहीं बनेगी।

रंग ला रही छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों की पहल

समिति से जुड़े छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर मुस्कान के बैंक खाते के बारे में जानकारी दी तो शहरियों ने मुस्कान को चीन भेजने के लिए खाते में रुपये भेजना शुरू कर दिया। मुस्कान के छोटे भाई तेजस सिंह ने बताया कि अब तक खाते में करीब 65 हजार रुपये आ चुके हैं। निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया कि अब तक करीब 55 हजार रुपये समिति के पास नकद भी आ चुके हैं।

घनघनाता रहा मुस्कान का फोन

सोशल मीडिया पर मुस्कान को चीन भेजने का मसला उठा तो दिन भर मुस्कान का फोन लगातार घनघनाता रहा। इसके अलावा लोग उसके घर पर भी पहुंचकर मदद करते रह रहे हैं। मुस्कान छह भाई-बहनों के बीच चौथे नंबर पर है।

यह कहते हैं इविवि के पीआरओ

वहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार का कहना है कि इविवि ने कोई तिजोरी नहीं खोल रखी है कि वह मुस्कान को तुरंत पैसा दे देगी। सरकार के नियमों के हिसाब से ही रुपये दिए जाएंगे। इविवि प्रशासन मुस्कान से लगातार संपर्क में है। कुलपति कार्यालय को पत्र मिला है, नियमानुसार मदद की जाएगी।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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