प्रयागराज, जागरण संवाददाता। krishna janmashtami 2022 उल्लास, उत्साह व उमंग से परिपूर्ण रहा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व। सूर्यास्त के बाद मठ-मंदिर रंग-बिरंगी झालरों से जगमगा उठे। हर जगह बच्चे, युवा और बुजुर्गों की भीड़ जुटी। श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियों को उत्सुकता देखा। ढोल-मजीरा के कर्णप्रिय वादन के बाद 'राधा-कृष्ण, जय श्रीकृष्ण... का कीर्तन चला। रात 11.30 बजे के बाद उत्साह बढ़ता गया।

घड़ी की सुई जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी, वैसे-वैसे भक्ति का भाव उफान मारने लगा। मध्यरात्रि  (12 बजे)  भक्ति चरम पर पहुंच गई। जो जहां था वहीं रुक गया। चहुंओर ' हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की..., मनाओ खुशी जन्में कन्हाई... जैसे भजनों की गूंज होने लगी। कन्हैया को माखन, मिश्री, पंचामृत, खीरा, पंजीरी अर्पित करके झूला झुलाकर उनके जन्म की खुशी मनाई गई।

इस्कान मंदिर में भी धूमधाम से मना जन्मोत्सव

बलुआघाट स्थित इस्कान मंदिर में धूमधाम से मनायी गई। सुबह से शाम तक भगवान के दर्शन पूजन हुए, हरे रामा हरे कृष्णा की धुन पर भक्त मृदंग मजीरे बजाते हुए नृत्य करने में मस्त रहे। मध्यरात्रि में चांदी के 51 कलशों से भगवान का अभिषेक करके सवा लाख का मोतियों से जड़ा वस्त्र पहनाकर महाआरती की गई। इसके बाद 56 भोग प्रसाद अर्पित किया गया। ठाकुर जी के समक्ष इस्कान के सभी भक्त, स्थानीय और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। सुबह से ही मंदिर आने वालों का तांता लगा रहा। इस्कान मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव दीनदयाल कृष्ण दास ने बताया कि शनिवार को प्रभुपाद का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं, श्रीरूप गौड़ीय मठ तुलारामबाग में शाम को श्रीकृष्णभगवत कथा का आयोजन हुआ। मध्यरात्रि में दुग्धाभिषेक करके षोड्षोपचार पूजन हुआ। इसके बाद 56 प्रकार के व्यंजन अर्पित किए गए। माखन व मिश्री का भोग लगाकर महंत अवधूत महाराज ने जनकल्याण की कामना की।

लक्ष्मीनारायण मंदिर में अनुष्ठान

श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर अलोपीबाग में लड्डू गोपाल शालिग्राम भगवान का अभिषेक रामानुजाचार्य जगदगुरु स्वामी घनश्यामाचार्य ने किया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान का पूजन करके जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लिया था। संपूर्ण मानव को उजाले की ओर ले जाने के लिए भगवान ने मध्यरात्रि में अवतार लिया था। कैवल्य धाम आश्रम में स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी के संरक्षण में स्वामी हर्षचैतन्य ब्रह्मचारी ने झांकी सजाई।

फूलों से हुआ महाश्रृंगार

मुंशी राम प्रसाद की बगिया स्थित श्रीराधा-कृष्ण मंदिर में भगवान का बहुरंगी फूलों से महाश्रृंगार किया गया। साथ ही महिषासुर वध, माखन चोरी, पूतना वध, बकासुर वध की झांकियां हर किसी के आकर्षण का केंद्र रहीं। मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि भजन संध्या के जरिए कन्हैया की महिमा बखानी गई। संयोजन कुमार नारायण ने किया। कार्यक्रम में विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, एमएलसी डा. केपी श्रीवास्तव, भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी, काशी प्रांत के उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे। वहीं भोले गिरि मंदिर के पुजारी रामलाल त्रिपाठी ने मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव कराया।

श्रीकृष्ण की गूंजी किलकारी, लगे जयकारे

प्रयागराज : श्रीकटरा रामलीला कमेटी के प्रांगण में शुक्रवार से ध्वनि-प्रकाश के माध्यम से श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन आरंभ हुआ। नयनाभिराम मंच में अद्भुत लीला देखकर लोग भावविभाेर हो गए। उग्रसेन के दरबार देवकी व वासुदेव विवाह के बाद आकाशवाणी सुनकर कंस दोनों को कारागार में डाल देता है। वहीं, देवकी के गर्भ से श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। कृष्ण की किलकारी गूंजने पर भक्त भावविभोर होकर खुशी में जयकारा लगाकर पुष्पवर्षा करते हैं। प्रागंण में स्वचलित झाकियां आकर्षण का केंद्र हैं। अध्यक्ष सुधीर गुप्त व महामंत्री गोपालबाबू जायसवाल ने पूजन कराया। विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी व पूर्व मंत्री डा. नरेंद्र सिंह गौर ने लीला का आरंभ किया।

जन्मोत्सव का हुआ आरंभ

श्रीपथरचट्टी रामलीला कमेटी प्रांगण में छह दिवसीय श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। ध्वनि व प्रकाश के माध्यम से कृष्ण जन्म का मंचन हुआ। मध्यरात्रि में शंख, ढोल नगाड़ों, घंटा-घड़ियाल की पावन ध्वनि के मध्य श्री नवग्रह मंदिर में भगवान के जन्म लेने का उत्साह मनाया गया। संयोजन धर्मेंद्र कुमार ने किया। कमेटी के अध्यक्ष मुकेश पाठक, महामंत्री जय सिंह,

गिरधारी लाल अग्रवाल, प्रवक्ता लल्लूलाल गुप्त सौरभ, सतीश चंद्र केसरवानी, बसंतलाल आजाद आदि मौजूद रहे।

Edited By: Ankur Tripathi