प्रयागराज,जेएनएन : भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के सीनियर अधिकारी व कर्मचारी पशोपेश में हैं। सभी को वीआरएस का फरमान हो चुका है। हफ्तेभर में देश भर के करीब 70 हजार कर्मियों ने नौकरी छोडऩे का आवेदन भी कर दिया है। कुछ कर्मी पहले वीआरएस नहीं लेना चाह रहे थे लेकिन अब वह भी आवेदन कर रहे हैं, क्योंकि वीआरएस न लेने पर अगले साल इंटर स्टेट तबादला होने का उन्हें भय सता रहा है।

सरकारी क्षेत्र की संचार कंपनी बीएसएनएल घाटे में चल रही है। घाटे से उबारने के लिए सीनियर अधिकारियों व कर्मचारियों की छंटनी शुरू हो गई है।  बीएसएनएल के करीब पौने दो लाख कर्मियों में से करीब एक लाख सीनियर कर्मी हैं। इनका भार उठाना कंपनी के लिए कठिन हो रहा था। इसलिए पिछले हफ्ते इन कर्मियों को 42 महीने का वेतन देकर वीआरएस के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए।

वीआरएस न  लेने वाले कर्मचारियों का होगा इंटर स्‍टेट तबादला :

कंपनी की हालात को देखते हुए कर्मचारी वीआरएस के लिए आवेदन करने लगे, लेकिन जिन लोगों की नौकरी अभी सात से दस साल तक बाकी है, वह वीआरएस नहीं लेना चाहते थे। इसी बीच पता चला कि इस कटेगरी में आने वाले जो कर्मी वीआरएस नहीं लेंगे, उनका इंटर स्टेट तबादला कर दिया जाएगा। इसलिए अब वह भी वीआरएस का आवेदन कर रहे हैं। प्रयागराज में लंबे समय से तैनात एक अधिकारी ने बताया कि 50 साल से अधिक उम्र वाले अधिकारी व कर्मचारी किसी न किसी शहर में बस गए हैं। अब उनका तबादला दूसरे शहर या राज्य में हुआ तो परिवार डिस्टर्ब होगा। बच्चों की पढ़ाई व परिवार के अन्य लोग भी परेशान होंगे। इसलिए जो मिल रहा है उसे लेकर नौकरी छोडऩा ही लोग बेहतर मान रहे हैं।

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