प्रयागराज : ईंट-भट्ठा के मुंशी पितंबर की हत्या और कोई नहीं, बल्कि उसी के बेटे ने ही अपने साथी के साथ मिलकर की थी। पुलिस हत्थे दोनों आरोपित चढ़ गए। पूछताछ में मुंशी के बेटे ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि जायदाद बंटवारे के बाद उनका पिता पारिवारिक समस्याओं से दूर रहकर आए दिन घरेलू कलह करता रहता था। जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लाठी बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया।

बाप-बेटे में कलह की स्थिति थी

पड़ोसी जनपद कौशांबी के इसी नाम के थाना क्षेत्र स्थित उरई अशरफपुर गांव निवासी पितंबर लाल मवई गांव के ईंट-भट्ठा में मुंशी था। शनिवार की रात खाना खाने के बाद वह साइकिल से ईंट-भट्ठा जा रहा था। गांव के बाहर उसके सिर व चेहरे पर वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। सीओ के नेतृत्व में कौशांबी थाने की पुलिस समेत एसओजी ने पड़ताल शुरू की तो पता चला कि परिवार में जायदाद के बंटवारे को लेकर बेटे कमलेश का अपने पिता के साथ कलह की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस ने कमलेश को संदेह के घेरे में लेते हुए पूछताछ शुरू की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया।

पहले ही बना ली थी हत्‍या की योजना

कमलेश ने बताया कि जायदाद के बंटवारे के बाद घरेलू समस्याओं को लेकर उसका पिता दरकिनार करता था। इसे लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। 30 जनवरी को भी कमलेश का अपने पिता पितंबर लाल से झगड़ा हुआ था। उसी समय कमलेश ने पिता की हत्या की योजना तैयार की थी। उसने गांव के ही अपने साथी शिवसागर ङ्क्षसह उर्फ लउवा पुत्र स्व. रामेश्वर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करते हुए केस दर्ज किया और चालान न्यायालय भेजा।

Posted By: Brijesh Srivastava

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