प्रयागराज,जेएनएन। केपी कॉलेज ग्राउंड का माहौल रविवार को अलहदा था। यहां उमड़े जनसैलाब ने पिछड़ा वैश्य समाज की एकता दिखाई तो बीजेपी के सियासी बाण ने लोगों में ऊर्जा भरने का काम किया। जय श्रीराम, भारत माता की जै और मोदी है तो मुमकिन है जैसे नारों के बीच गडग़ड़ाती तालियां कई तरह के संदेश दे रही थीं। केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल से लेकर सांसद संगम लाल गुप्ता तक ने वैश्य समाज को राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और भावनात्मक रूप से जोडऩे का काम अपने भाषणों से किया।

शक्ति और एकजुटता का कराया एहसास

 प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, वाराणसी, कानपुर समेत प्रदेश के लगभग हर जिले से आए पिछड़े वैश्य समाज के लोगों को शायद पहली दफा ऐसा राजनीतिक मंच मिला था, जहां वह अपनी शक्ति व एकजुटता का एहसास करा रहे थे। यूं तो पिछड़ा वैश्य महाकुंभ का आयोजन दोपहर 12 बजे से शुरू होना था, लेकिन सुबह 10 बजे से लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। धीरे-धीरे पूरा पंडाल भर गया और हजारों लोगों को बैठने की जगह नहीं मिली तो वह साउंड के पास ही खड़े होकर मंत्री सहित अन्य का वक्तव्य सुनते रहे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने पिछड़ा वैश्य एकता जिंदाबाद का नारा दिया तो पूरा पंडाल उत्साहित हो उठा। इस समाज से कोई भी धर्म परिवर्तन नहीं होने की बात पर सभी के चेहरे खिल उठे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस समाज के लोगों को ही बीजेपी से गहरा नाता होने की बात कहकर 2022 के चुनाव में जीत के लिए हामी भरवाई।

प्रधानमंत्री भी इसी समाज से

कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने महात्मा गांधी, भामाशाह सहित वैश्य समाज के तमाम महापुरुषों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी जोड़ा। साथ ही उनकी कीर्ति के बारे में बतलाया। यानी वैश्य समाज को यह भी बताने की कोशिश हुई कि प्रधानमंत्री भी इसी समाज से आते हैं, जिनकी सरकार में अब न तो कोई पिछड़ा है और न कमजोर।

एक बार कहने पर चले आए

कौशांबी के कड़ा निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि उनसे सिर्फ एक बार कहा गया था कि प्रयागराज में कार्यक्रम है तो वह चले आए। इसी तरह आनापुर नवाबगंज के सुबोध और फतेहपुर की रानी ने कहा कि पहली बार समाज के इतने बड़े कार्यक्रम में आने के मौका मिला।

Posted By: Brijesh Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस