जागरण संवाददाता, प्रयागराज : श्रीनिरंजनी अखाड़े के उप महंत बलवीर गिरि का श्री मठ बाघम्बरी गद्दी का महंत बनना तय हो गया है। श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी के महंत रहे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की षोडशी पर पांच अक्टूबर को बलवीर गिरि का विधि-विधान से पट्टाभिषेक कर उन्हें महंत की उपाधि दी जाएगी। इसके साथ ही वह श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के महंत बन जाएंगे। यह निर्णय मंगलवार को श्रीनिरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि की मौजूदगी में पंचों व प्रमुख महात्माओं ने सर्वसम्मति से लिया।

महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में बलवीर गिरि का नाम उत्तराधिकारी के रूप में है। कुछ दिनों बाद रजिस्टर्ड वसीयत की बात सामने आई। दो जून 2020 को रजिस्टर्ड कराई गई वसीयत में नरेंद्र गिरि ने बलवीर गिरि को उत्तराधिकारी बनाया गया था, यह विधिक रूप से मान्य है। पहले श्रीनिरंजनी अखाड़ा के पंच परमेश्वर सीबीआइ जांच के बाद बलवीर गिरि का पट्टाभिषेक कराने की बात कह रहे थे। मंगलवार को बाघम्बरी गद्दी में श्रीनिरंजनी अखाड़ा के पंचों ने घंटों चर्चा की। कहा गया कि सीबीआइ जांच लंबी चल सकती है। ऐसी स्थिति में बड़े मठ व उससे जुड़े आश्रम, मंदिरों, विद्यालयों, जमीनों को बिना किसी महंत खाली नहीं छोड़ा जा सकता। इस चर्चा में बलवीर गिरि का षोडशी के दिन पट्टाभिषेक करने का निर्णय हुआ। श्रीनिरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी के अनुसार अखाड़े के समस्त प्रमुख महात्माओं ने सर्वसम्मति से बलवीर गिरि के पट्टाभिषेक के लिए सहमति दी है, ऐसी स्थिति में अब उसे नहीं टाला जाएगा। सीबीआइ की जांच चलती रहेगी, साथ ही षोडशी व पट्टाभिषेक की परंपरा पूरी की जाएगी।

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