प्रयागराज,जेएनएन। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र अश्वनी सिंह 22 वर्ष ने बुधवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। गुरुवार सुबह बगल के कमरे में रहने वाले छात्रों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा। आत्‍महत्‍या की वजह अभी तक नहीं पता चल पाई। पुलिस जांच कर रही है। छात्र के घरवाले भी खबर पाकर प्रयागराज के लिए चल पडे हैं।

आजमगढ का रहने वाला था अश्‍वनी

आजमगढ़ के जीएनपुर थाना क्षेत्र स्थित मेथाई खास गांव के काशीनाथ रिटायर्ड फौजी हैं। उनका बेटा अश्‍वनी सिंह ईश्‍वर शरण डिग्री कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। वह दारागंज में योगेश कुमार के घर मे किराये का कमरा लेकर रहता था। वह बुधवार की रात अपने कमरे में सोया था। गुरुवार सुबह काफी देर तक सो कर नहीं उठा तो आसपास के लोगों को शक हुआ तो उसे बुलाने गए। काफी आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई आवाज नहीं आई। तो खिडकी से झांक कर देखा। अंदर कमरे में अश्‍वनी का शव फांसी के फंदे से झूल रहा था। यह देखकर लोग चीख पडे।

खुदकुशी की वजह स्‍पष्‍ट नहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी

आवाज सुनकर पडोस के लोग भी जुट गए। सूचना पर दारागंज पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि अंदर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इससे आत्महत्या का कारण स्पष्‍ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र के घरवालों को खबर कर दी गई। उनके आने के बाद वजह स्‍पष्‍ट होगी।

संदिग्ध परिस्थिति में युवक की मौत

शाहगंज थाना क्षेत्र के कोलहन टोला निवासी 45 वर्षीय मो. चांद की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। इससे परिवार में मातम छा गया। मो. चांद वेल्डिंग मिस्त्री था। कहा जा रहा है कि सोमवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मंगलवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ तो विषाक्त पदार्थ से मौत की बात सामने आई, जिस पर बिसरा सुरक्षित करके जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया। हालांकि शाहगंज पुलिस का कहना है कि घरवालों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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