प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि का विरोध कर रहे छात्रों ने गुरुवार को कुलपति की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। भारी हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच पुलिस ने छात्रों से पुतला छीन लिया। चीफ प्राक्टर से हाथापाई के दौरान सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दिन भर अफरातफरी की स्थिति रही और पूरे परिसर में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। इस मामले में इवि प्रशासन की तरफ से चार नामजद व 11 अज्ञात छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

फीस वृद्धि के 17वें दिन शव यात्रा निकालने पर पुलिस ने रोका

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ जारी आमरण अनशन के 17वें दिन छात्रों ने कुलपति की शवयात्रा निकालने की तैयारी की थी। ऐसा करने से रोकने के लिए परिसर में पुलिसबल तैनात था। एडीएम सिटी, एसीएम, सीओ कर्नलगंज व डेड़ दर्जन से अधिक दारोगा और इंस्पेक्टर सुबह ही कैंपस में पहुंच गए थे। विवाद की शुरुआत तब हुई जब छात्रों ने छात्रसंघ मुख्यद्वार पर लगे ताले को तोड़ने की कोशिश की।

प्राक्टोरियल बोर्ड के साथ पहुंचे चीफ प्राक्टर ने छात्रों को रोकने की कोशिश की तो छात्रों ने उन पर हमला कर दिया। इससे उनको चोट लग गई। वहीं छात्रों ने भी चीफ प्राक्टर पर पैर से मारने का आरोप लगाया। इसको लेकर जमकर हंगामा होता रहा। अपराह्न दो बजे छात्रसंघ भवन के पीछे छात्र सत्यम कुशवाहा के साथ 10 छात्र बांस पर कुलपति का पुतला लेकर बाहर निकले तो पुलिस दौड़ पड़ी। पुलिस और छात्र आपस में भिड़ गए।

कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने पुतला छीन लिया और मटकी को फोड़ दिया। विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से भिड़ गए। धक्कामुक्की में बीच बचाव को आए इवि के सुरक्षाकर्मियों ने कुछ छात्रों पर हाथ उठा दिया। इससे छात्र आक्रामक हो गए। सुरक्षाकर्मी और छात्र आमने-सामने आ गए। इस हालात को काबू में करने के लिए पुलिसकर्मी आगे बढ़े और किसी तरह छात्रों को पीछे की तरफ धकेला।

चीफ प्राक्टर ने चार नामजद सहित 15-20 अज्ञात के खिलाफ दी तहरीर

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के थानों की पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। चीफ प्राक्टर ने आदि के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी। इंस्पेक्टर कर्नलगंज राममोहन राय के मुताबिक इस मामले में तहरीर मिली है, अभी मुकदमा नहीं लिखा गया है।

Edited By: Ankur Tripathi